क्‍या हुआ था 17 जुलाई को, जो आधी आबादी के लिए बन गया गेम चेंजर

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राज बहादुर सिंह

: इसके पहले पुरुषों का ही एकाधिकार था नौकरियों में : लखनऊ : 17 जुलाई। एक अहम तारीख। महिलाओं की परवाज के लिए। एक नए फलक पर हमेशा के लिए। और अनंत की सीमा तक। जी हां 17 जुलाई 1948 को भारत में पुलिस, प्रशासन और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में नौकरी के लिए परीक्षाओं में महिलाओं को शामिल होने की अनुमति देकर भारत की चहुमुखी तरक्की के दरवाजे खोले गए।

और महिलाओं ने इस का फायदा उठाया। भरपूर नहीं। भरपूर फायदा उठाया जाना बाकी है, लेकिन फायदा मुसलसल बढ़ जरूर रहा है। हर ओर और हर स्तर पर। सरकारी अफसर, बैंकों में, अन्य पब्लिक सेक्टर्स में और कॉर्पोरेट जगत में भी। डिप्लोमेटिक क्षेत्र हो या फिर सिक्योरिटी एजेंसीज, हर ओर खबातीन की शमूलियत देखी जा सकती है।

पहली महिला आईपीएस किरण बेदी की बात करिए या अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला कल्पना चावला की। इंग्लिश चैनल पार करने वाली भारत नहीं बल्कि एशिया की पहली लम्बी दूरी की तैराक आरती साहा हों या फिर सुप्रीम कोर्ट में जज बनने वाली पहली महिला जस्टिस फातिमा बीबी हों। पीटी उषा के बगैर तो सूची बेमानी है तो अब हिमा दास का जिक्र भी अपरिहार्य है।

सूची और भी लम्बी है। टेस्ट मैच में पहला दोहरा शतक लगाने वाली मिताली राज हों या फिर सानिया मिर्जा और साइना नेहवाल या पीवी सिंधू। माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने वाली पहली महिला बचेंद्री पाल हों या फिर इंडियन एयर फोर्स में अकेले उड़ान भरने वाली हरिता कौर देओल या इंडियन एयर लाइन्स की पहली महिला कैप्टेन और पायलट दुर्गा बनर्जी।

इंडियन एयर फोर्स की पहली फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता और प्रमुख बैंकों की चेयरपर्सन रहीं या अब भी मौजूद महिलाएं हों या फिर और न जाने कितने नाम। महिलाएं आगे बढ़ी है और उन्हें और ज्यादा व और तेजी से बढ़ने की जरूरत है और उम्मीद भी। महिलाओं की निरंतर जारी उड़ान में 17 जुलाई 1948 का दर्जा निःसंदेह एक मील के पत्थर का है। हम इस दिन को भूल नहीं सकते और भूलें भी क्यों। गेम चेंजर है ये दिन।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.