राममंदिर पर अविलंब अध्यादेश लाये भाजपा : संजय राउत

मनोज श्रीवास्तव

: भाजपा ने राम मंदिर निर्माण को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था : अयोध्या। शिवसेना प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद संजय राउत ने श्रीराम जन्मभूमि स्थान का दर्शन करने के बाद कहा कि राम मंदिर का मुद्दा न्यायालय का नहीं हमारे आस्था का विषय है। उन्होंने कहा कि अब तो केंद्र, प्रदेश और राष्ट्रपति भवन तक भाजपा का ही साम्राज्य है, तो क्यों न्यायालय की बात कह कर मंदिर निर्माण पर टाल-मटोल हो रही है?

उन्‍होंने कहा कि यदि भाजपा हमेशा सच्चाई की बात करने का दावा करती है तो उसे राममंदिर के मुद्दे पर वोट बैंक की राजनीति हमेशा-हमेशा लिए बंद करना चाहिए। भाजपा को लोकसभा चुनाव 2019 के पहले राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में अध्यादेश लाना चाहिए नहीं तो उसे अब जनता वनवास में भेज देगी। तीन तलाक और एससी/एसटी के मुद्दे पर मोदी सरकार अध्यादेश ले आयी तो श्रीराममंदिर के निर्माण पर अध्यादेश क्यों नहीं ला रही है?

अपनी अयोध्या यात्रा के संदर्भ में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मैं आज शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे की प्रस्तावित यात्रा के पूर्व तैयारियों का जायजा लेने आया हूं। राममंदिर निर्माण की दिशा में कैसे हम एक कदम आगे जा सकते हैं, उसी के प्रयास में आया हूँ। नवंबर-दिसंबर में शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धवजी भगवान श्री रामलला का दर्शन करेंगे।

श्री राउत ने अविरल गंगा की मांग को लेकर हरिद्वार में अनशनरत संत प्रोफेसर सदानंद की मृत्यु की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस गंगाजी की सफाई का मुद्दा प्रधानमंत्री का सपना रहा है, उसी गंगा की सफाई और अविरलता की मांग को लेकर अनशनरत संत को बलिदान देना पड़े, यह निंदनीय है।

उन्‍होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में गंगा की स्वच्छता और श्रीराममंदिर के निर्माण की मांग को लेकर पुलिस गिरफ्तार कर लेती है। वह भी तब राज्य के मुख्यमंत्री योगी हों, लेकिन दुर्भाग्य से योगीजी संत की भी बात सुनने को नहीं तैयार हुए। हरिद्वार में पूज्य संत की गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर संत की मृत्यु हो जाती है, यह आश्चर्यजनक है।

पत्रकारों ने पूछा कि शिवसेना महाराष्ट्र में हिंदी भाषियों को जैसे मार कर भगा रही थी, आज गुजरात में भी वैसे यूपी-बिहार के मजदूरों और गरीबों पर हो रहे हमले हो रहे हैं आप का क्या कहना है? उन्होंने कहा कि शिवसेना और शिव सैनिक कभी यूपी-बिहार के लोगों पर हमला नही किये। शिवसेना से यूपी-बिहार के कई लोग नगरसेवक, विधायक और सांसद भी हुए हैं।

उन्‍होंने कहा कि मैं पूछता हूँ जब महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों पर हमले हुए थे, तब संसद में उस मुद्दे को तरह-तरह से उठाने वाले सांसद और आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीयमंत्री रामविलास पासवान चुप्पी क्यों साधे हैं?

फैसला कोर्ट का तो भाजपा का साथ क्‍यों दें : सत्‍येंद्र दास

रामजन्‍म भूमि के मुख्‍य पुजारी सत्‍येंद्र दास ने भी शिवसेना प्रवक्‍ता संजय राउत से मुलाकात की तथा राम मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता दोहराई। सत्‍येंद्र दास ने कहा कि भाजपा ने राम मंदिर निर्माण को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था। कहा था कि सत्‍ता में आएंगे तो मंदिर बनाएंगे, लिहाजा उसे राम मंदिर बनाने के लिए प्रयास करना चाहिए।

श्री दास ने कहा कि जब फैसला कोर्ट से आएगा तो फिर हम भाजपा का साथ क्‍यों दें। भाजपा ने रामलला के लिए अब तक क्‍या किया। अब तो लग रहा है कि राम मंदिर का निर्माण शिवसेना के माध्‍यम से होगा। अब तो लग रहा है कि उद्धव ठाकरे के आने के बाद ही राम मंदिर निर्माण का काम होगा।   manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.