वीरांगनाओं के काम को मान्‍यता देना वर्तमान की जरूरत : सोमा

हरेंद्र शुक्‍ला

: रानी लक्ष्मीबाई जयंती पर सुबह-ए-बनारस (काशी) की पहलकदमी :  देश की 35 महिला हस्तियां हुईं सम्‍मानित : वाराणसी :  “जिसे देखा बेताब देखा बुर्ज बनने को…  शहर में नींव के पत्थर कहीं पाये नहीं जाते …। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की जयंती के बहाने सुबह-ए-बनारस (काशी) और महिला महाविद्यालय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित समारोह में ऐसे ही नींव के पत्थरों को पहचान दिया गया, मान दिया गया। बतौर मुख्य अतिथि गंधर्व कोकिला पद्मश्री डा. सोमा घोष ने भी अपने उद्बबोधन में इसी विषय को स्पष्ट किया और कहा कि समाज की वो महिलाएं जो नींव की पत्थर की तरह अनजानी, अनचिन्ही बड़े-बड़े कामों को पहचान दे रहीं हैं, उन्हें जानना, पहचानना और उनके काम को मान्यता देना वर्तमान दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।

उन्होंने कहा कि आयोजकों ने महारानी लक्ष्मीबाई और उनके शौर्य को नमन के बहाने विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर रही देशी विदेशी महिलाओं को प्रोत्साहित करने का जो बीड़ा उठाया है वह वास्तव में स्तुत्य है। समारोह की अध्यक्षता करते हुये महिला महाविद्यालय बीएचयू की प्राचार्या प्रो. चन्द्रकला त्रिपाठी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई ओज और तेज की हीं नहीं बल्कि महिलाओं की दृढ क्षमता की भी प्रतीक हैं। उनसे प्रेरणा लेकर महिलाएं कीर्ति की बुलंदियों को छू रही हैं।

सुबह-ए-बनारस (काशी) की अध्यक्ष तनू शुक्ला ने कहा कि महारानी लक्ष्मीबाई के जन्मदिवस पर देश-विदेश की कर्मठ महिलाओं को सम्मान देकर संस्था खुद गौरवान्वित है। उन्होंने कहा कि अपने काम से मिसाल पेश कर रहीं ऐसी ललनाओं को तलाशना और उन्हें मानमंण्डित करने का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। इस अवसर पर सुधाकर महिला पीजी कालेज की संस्थापिका श्रीमती शांति दुबे, राजीव गांधी दक्षिणी परिसर बरकछा की निदेशक प्रो. रमादेवी निम्मापल्ली, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती मीना चौबे, सीए यमुना शुक्ला, चीफ प्राक्टर प्रो. रोयना सिंह, महिला अध्ययन केन्द्र की समन्वयक प्रो रीता सिंह ने भी झांसी की रानी की बहादुरी, त्याग और समर्पण की गाथा पर विस्तार से चर्चा की।

समारोह का सफल संचालन प्रो रीता सिंह एवं संस्था की सचिव प्रियंका ओझा एवं धन्यवाद ज्ञापन मीडिया प्रभारी रोली सिंह ने दिया।

लक्ष्मीबाई सम्मान समारोह में सम्मानित होने वाली महिलाओं की सूची :-

1-ऋचा मिश्रा : पुलिस उपाधीक्षक छतीसगढ़ 

2- उर्वशी शुक्ला : समाजसेवा 

3- ममता टंडन : नृत्य साधना 

4- डा अनुराधा रतुडी : संगीत 

5- डा मधुमिता भट्टाचार्या : संगीत

6-डा नेहा पाण्डेय : पत्रकारिता एवं जनसंप्रेषण विभाग बीएचयू 

7-मीना चौबे : समाजसेवा 

8- प्रज्ञा पाण्डेय : शिक्षा 

9-मेधा पाठक : दैनिक जागरण 

10-तब्बसुम : अमर उजाला 

11-त्रिषा चतुर्वेदी : रेडियो मिर्ची 

12-शालिनी मालवीय : रेडियो रेड एफ एम

13-कोमल : रेडियो सिटी 

14-नेहा सलीम : रेडियो सिटी 

15-कंचन श्रीवास्तव : पत्रकार मुम्बई 

16- रश्मि तिवारी : प्रबंधक एचडीएफसी बैंक 

17-स्नेहा तिवारी : पुलिस उपाधीक्षक 

18-प्रो रामापल्ली निम्मापल्ली : ओयसडी बरकछा, बीएचयू 

19- प्रो अर्चना सिंह : शिक्षा 

20- डा प्रतिमा गौड : शिक्षा 

21- डा सरस्वती : शिक्षा 

22- डा नीति सिंह : चिकित्सा सेवा 

23- स्वाति सिंह  : समाज सेवा 

24- नेहा दुबे  : समाजसेवा

25- पल्लवी त्रिपाठी : समाजसेवा 

26- डा शबाना खातून : समाजसेवा 

27-डा पूनम पाण्डेय : चिकित्सा सेवा 

28-डा नूतन सिंह  : चिकित्सा सेवा 

29- प्रियंका ओझा : समाजसेवा

30 –G.G.Geethika abeysekara  : संगीत (श्रीलंका )

31- डा किरन कौशिक  : चिकित्सा सेवा 

32-शिल्पी उपाध्याय : पशु सेवा 

33-श्रीमती हेलेन उषा मैसी : समाजसेवा

34-डा संगीता पंडित : विभागाध्यक्ष संगीत एंव मंच कला संकाय, बीएचयू

35-अनुश्रुतिराज : शिक्षा