मेसी का ख्वाब हुआ चूर, अर्जेंटीना फिर वर्ल्ड कप से दूर

messi

राज बहादुर सिंह

: कभी किसी को मुकम्मल जहां नहीं मिलता : कभी जमीं तो कभी आसमां नहीं मिलता। मशहूर शायर निदा फ़ाज़ली की इन पंक्तियों की तर्ज पर लियोनल मेसी (messi) का अर्जेंटीना के लिए विश्व कप जीतने का सपना बिखर गया और मेसी अब फिर कभी यह ख्वाब देख भी नहीं सकेंगे।

फ्रांस से मैच का पहला हाफ जब खत्म हुआ तो दोनों टीमें 1-1 पर थीं और रोमांचक मैच की बुनियाद रखी जा चुकी थी। दूसरे हाफ के शुरू होते ही यह उम्मीद और मजबूत हुई लेकिन फिर फ्रांस ने गोया नेपोलियन बोनापार्ट की सेना की तर्ज पर ताबड़तोड़ हमले किए और 4-2 की बढ़त हासिल कर ली। अर्जेंटीना ने आखिरी लम्हों में वापसी की बढ़िया कोशिश तो जरूर की लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। मैच खत्म हुआ तो फ्रांस मस्त और अर्जेंटीना पस्त थी।

ख्वाब बिखर चुका था। चार साल पहले मेसी (messi) अर्जेंटीना को फाइनल तक ले गए थे और करीबी मुकाबले में 1-0 से हार गए थे। इस बार सफर और जल्दी निपट गया। और साथ ही समीक्षकों और विद्वानों के बीच यह बहस जारी रहेगी कि मेसी को डियागो माराडोना के मुकाबले कहां रखा जाए जो मंजिल के करीब तो पहुंचे लेकिन अर्जेंटीना को मंजिल तक न ले जा सके। अर्जेंटीना का 1986 के वर्ल्ड कप का इतिहास दोहराने की उम्मीद फिर एक बार टूट गयी।

अर्जेंटीना की टीम नॉक आउट में बेहतरीन खेल के बजाय किस्मत के चलते पहुंची थी। अर्जेंटीना के डिफेंस में छेद ही छेद थे और यह तब पूरी तरह उजागर हुआ जब टीम क्रोशिया से 3-0 से हारी थी। टीम के रणनीतिकार इस गड्ढ़े को भर नहीं सके और फ्रांस ने चार गोल किए। अर्जेंटीना ने अपने हर मैच में गोल कंसीड किया। आइसलैंड, नाइजीरिया और क्रोशिया तीनों से। फ्रांस से मैच में अर्जेंटीना का गोलकीपर अर्जेंटीना जैसी टीम के स्तर का था ही नहीं और नजर भी यही आया।

खुद मेसी फ्रंट से लीड नहीं कर सके। उनकी जबरदस्त मार्किंग की गई और वह इससे पार नहीं पा सके। यह तथ्य भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि बार्सिलोना के लिए खेलते हुए उन्हें जैसे खिलाड़ियों का सहयोग मिलता है वैसे अर्जेंटीना के लिए खेलते हुए नहीं होता। बावजूद इसके लियोनल मेसी का कौशल, क्षमता और महानता संदेहों से परे है। अलबत्ता फीफा वर्ल्ड कप का दर्द उन्हें ताउम्र सालता रहेगा लेकिन फिर वही बात-

कभी किसी को…….

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राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.