चिकनी मिट्टी की बनी कांग्रेस और इसके माधोगण

राज बहादुर सिंह

: जन्म-जन्मांतर से नहीं शर्म से कोई रिश्ता : लखनऊ : कांग्रेस ने एक बार फिर साबित किया कि उसकी मानसिकता क्या है? और चूंकि पानी ऊपर से नीचे बहता है तो ऐसे में क्या आश्चर्य अगर छुटभैये टाइप के गुलाम भी बड़े गुलामों के पदचिन्हों पर चलते दिखाई पड़ते हैं। आखिर वे पीढ़ी दर पीढ़ी यही तो करते आ रहे हैं।

पहले तो विजय माल्या को कांग्रेस सरकार ने हजारों करोड़ का कथित लोन दिलवाया ये जानते हुए कि पैसा उस काम के इतर लगाया जा रहा है, जिसके लिए यह लिया गया है। और अब विजय माल्या की कही बात पर ऐसे कूद रहे हैं जैसे कोई देववाणी हुई हो।

कांग्रेस का चरित्र दर्शाता है कि देश से हजारों करोड़ का फ्राड कर इसे छोड़कर भाग जाने वाला कांग्रेस की नजर में सच्चा है। कांग्रेस के इस रुख में माल्या के लिए हमदर्दी भी झलकती है और और उसका बचाव भी झलकता है। और खुद कांग्रेस का चरित्र भी।

क्या आज तक कांग्रेस ने कभी विजय माल्या, नीरव मोदी या मेहुल चोकसी की कारगुजारियों की निंदा की। नहीं की। और इसका मतलब क्या यह नहीं है कि कांग्रेस ने न केवल इन्हें फ्राड करने में मदद की बल्कि अब भी इनके साथ है और इन्हें ही सच्चा मानती है।

संसद के कॉरिडोर में कोई सांसद मंत्री से चलते हुए कुछ कहे तो वह मीटिंग हो गयी? कर्जा बैंकों से लिया था तो सेटलमेंट उनसे करो जाकर, वित्त मंत्री से क्यों कह रहे हो? और क्या माल्या ने जेटली से कहा था कि वह देश छोड़कर भागने जा रहा है?

जिनके पास पासपोर्ट वीसा होता है और जो बहुधा विदेश जाते रहते हैं, उनमें से कोई न लौटने का इरादा कर के कभी बाहर जाय तो कौन सरकार और कौन सी एजेंसी उसे रोक सकती है। कांग्रेस ने तो भोपाल त्रासदी में मारे गए 30 हजार लोगों के कातिल एंडरसन को जहाज से मेहमान की तरह फरार कराया था।

वैसे एक बात तो माननी ही पड़ेगी। बेहद चिकनी मिट्टी की बनी पार्टी है कांग्रेस और इसके माधोगण। पार्टी अध्यक्ष और उनकी मम्मी बड़े फ्राड के मामले में अपने कई सीनियर गुलामों के साथ जमानत पर हैं। आरबीआई के गवर्नर रहे रघुराम राजन ने बताया कि कैसे सरकारी बैंकों और सिस्टम को कांग्रेस ने बर्बाद किया। इसके बावजूद शर्म और हया से गोया जन्म जन्मांतर से रिश्ता न रखने वाली कांग्रेस और इसके वंशानुगत गुलामों का दुस्साहस देख कर कोई भी दंग रह सकता है।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.