भाजपा विधायक ने जर्नलिस्‍ट को दी पत्रकारिता अंदर घुसाने की धमकी

पत्रकारिता

: अपराधी के साथ फोटो और खबर वायरल होने से थीं नाराज : लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के नेता और जनप्रतिनिधि अपने खिलाफ उठने वाले सारे सवालों को ताकत की बदौलत कुचल देने पर अमादा हैं। ऐसा ही भाजपा की मुगलसराय विधायक साधना सिंह ने करने की कोशिश की। एक हत्‍यारोपी के साथ फोटो वायरल होने तथा खबर लिखे जाने के बाद उन्‍होंने पत्रकार को मुकदमा कराकर सबक सिखाने की धमकी दी।

सत्‍ता के मद में चूर साधना सिंह ने पत्रकार को ना केवल मुकदमा दर्ज कराकर पत्रकारिता अंदर घुसाने की धमकी दीं बल्कि पत्रकार को कुत्‍ता भी कहा। मामले ने जब तूल पकड़ लिया तो विधायक ने माफी मांग कर अपना पीछा छुड़ाने का प्रयास किया, लेकिन सवाल यह है कि क्‍या एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा का प्रयोग करना चाहिए था? अगर उन्‍हें खबर से दिक्‍कत थी तो कानूनी तरीके से पत्रकार को सबक सिखातीं, लेकिन धमकी देना कहां तक जायज है?

दरअसल, रेलवे में ठेका लेने वाली कोलकाता की एक कंपनी के मैनेजर की कुछ दिनों पूर्व हत्‍या हो गई थी। पुलिस ने इस हत्‍या का खुलासा करते हुए राकेश सिंह नामक व्‍यक्ति को मुख्‍य आरोपी बताया। पुलिस खुलासे के अनुसार राकेश ने भाड़े के हत्‍यारों से मैनेजर की हत्‍या कराई थी। खुलासे के पहले राकेश कई मौकों पर साधना सिंह के साथ देखे जाने के अलावा होर्डिंगें भी लगवाईं थी। राकेश सिंह के साथ विधायक साधना सिंह के कई फोटो भी वायरल हो गए।

इसी को आधार बनाकर कुछ पत्रकारों ने खबर प्रकाशित कर दी। इसी खबर पर भड़की साधना सिंह ने जय तिवारी नाम के एक पत्रकार को कुत्‍ता कहते हुए मुकदमा कराकर सबक सिखाने की धमकी दे डाली। अब सवाल उठता है कि क्‍या एक जनप्रतिनिधि से इस तरह की भाषा की उम्‍मीद की जा सकती है। उल्‍लेखीय है कि साधना सिंह इसके पहले भी अपनी बदजुबानी को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। इस पूरे प्रकरण को उन्‍होंने विरोधियों की साजिश बताकर किनारा करने का प्रयास किया।