कहीं शिवपाल की रणनीति यह तो नहीं?

: मुश्किल में पड़ सकते हैं अखिलेश यादव : लखनऊ। लोकसभा चुनाव के पहले समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चा गठित करके समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव के सामने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। लोकसभा की सभी सीटों पर प्रत्‍याशी उतारने की घोषणा करके शिवपाल ने अखिलेश की सपा को झटका देने की तैयारी कर रखी है। शिवपाल ने मुलायम सिंह यादव को भी मैनपुरी से मोर्चा का प्रत्‍याशी घोषित कर हलचल बढ़ा दी है।

लंबे समय से समाजवादी पार्टी में हाशिए पर चल रहे शिवपाल सिंह यादव ने काफी सोच समझकर समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चा बनाने का निर्णय लिया है। अब सबकी निगाहें मुलायम सिंह यादव की तरफ है। ससेमो के झंडे पर मुलायम सिंह की फोटो भी लगी हुई है, इससे एक कार्यकर्ताओं में उहापोह की स्थिति है। कार्यकर्ता उलझन में हैं कि मुलायम किसके साथ हैं?

सबको यही सवाल परेशान कर रहा है कि आखिर किसके साथ हैं मुलायम? मुलायम लंबे समय से पेंडुलम बने हुए हैं, कभी अखिलेश यादव के साथ नजर आते हैं तो कभी लगता है शिवपाल सिंह यादव के साथ हैं। हालांकि अब तक की मुलायम की रणनीति बताती रही है कि वह शिवपाल के साथ खड़े होकर पूरी तरह अखिलेश के साथ हैं। मुलायम लंबे समय से अखिलेश को स्‍थापित करने में जुटे हुए हैं।

मुलायम से धोखा खाने के बाद शिवपाल ने मोर्चे का गठन किया है। उनकी योजना सपा में उपेक्षित पड़े तथा नाराज नेताओं को अपने साथ जोड़कर मोर्चे को मजबूत करने की है। मुलायम सिंह के सहयोग से अखिलेश यादव से धोखा खाने के बाद शिवपाल यादव अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। वह अखिलेश को सबक सिखाने के लिए कमर कस चुके हैं, जिसमें उनको अमर सिंह का साथ भी मिल रहा है।

समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चा ने ऐलान किया है कि वह प्रदेश की सभी अस्‍सी लोकसभा सीटों पर प्रत्‍याशी उतारेगा। संभव है कि इनमें से ज्‍यादातर सपा से उपेक्षित और नाराज लोग शामिल होंगे। इस स्थिति में समाजवादी सेक्‍युलर मोर्चा सीटें भले ही नहीं जीत पाए, लेकिन समाजवादी पार्टी को कई सीटों पर नुकसान अवश्‍य पहुंचा सकता है। शायद शिवपाल की रणनीति भी यही है!