क्‍यों यह राजनीतिक दल अपने कार्यकर्ताओं को मूर्ख बना रहा है!

नेताजी

राज बहादुर सिंह

: जब पूरे प्रदेश में लड़ना ही नहीं है तो ड्रामा क्‍यों : लखनऊ : अभी हाल ही में एक खबर पर नजर गयी कि यूपी में कांग्रेस हर ब्लॉक में सम्मेलन करेगी। पहले तो बात समझ नहीं आयी। फिर जब समझ आयी तो हंसी आयी। हंसी भी ठहरी नहीं और इसका स्थान ले लिया दया ने। वजह यह कि एक परिवार के गुलामों को फिर से मूर्ख बनाने का शिगूफा छोड़ा गया।

उत्तर प्रदेश में सात सौ से ज्यादा ब्लॉक हैं। कांग्रेस को चुनाव लड़ना होगा बमुश्किल मुट्ठी भर ब्लॉक में ही। मायावती को 80 में 40 लोक सभा सीटें चाहिए। बची 40 में 30 सपा और दस में कांग्रेस और लोकदल बांट लेंगी। ऐसे में कांग्रेस को पाँच-सात सीटें ही लड़नी है और इतनी सीटें की जद में हद से हद 30 से 40 ब्लॉक ही आएंगे।

बस यही सोच कर हंसी आ गयी कि जिसे 30-40 ब्लॉक में चुनाव लड़ना है, वह पार्टी क्यों ब्लॉक-ब्लॉक बचे-खुचे गुलामों को बेवकूफ बनाने का षड्यंत्र रच रही है। पसीना बहाएंगे गुलाम, धन खर्च करेंगे और उसके बाद पालकी तो उन्हें साइकिल और हाथी की ही उठानी है तो बेचारों के साथ क्रूर मजाक क्यों। गुलाम के साथ मूर्ख भी समझता है नेतृत्व अपने कार्यकर्ताओं को।

अरे अमेठी और रायबरेली के अलावा चार-पांच बड़कऊ टाइप के नेताओं वाली सीटें ही मिलेंगी लड़ने को। तो फिर इनके तहत आने वाले ब्लॉक पर ही कर डालो सम्मेलन। खूब मचल-मचल कर और खूब उछल-उछल कर। पूरे प्रदेश में गुलामों को क्यों आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से परेशान करते हो। बस यही सोच कर पहले हंसी आयी और फिर दया व करुणा का भाव उत्पन्न हो गया।

वैसे हंसी और दया उन लोगों पर भी आती है जो राष्ट्रीय दायित्व की तरह सही, झूठ, छल, प्रपंच और ढपोरशंखी बातें सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं, लेकिन तब इन्हें यह याद नहीं रहता कि जब सपा के साथ गठबंधन था तो विधान सभा की सौ सीटें लड़ने पर कांग्रेस को बैटरी रिक्शा पर बैठने की संख्या में (सात) विधायक मिले थे और अब जब गठबंधन में बसपा भी होगी तो क्या होगा।

सपा-बसपा-रालोद के साथ प्रस्तावित महागठबंधन में 20-25 विधान सभा सीटें ही मिलेंगी लड़ने के लिए और जो दो-ढाई विधायक आएंगे, उनका समायोजन साइकिल के डंडे और कैरियर पर हो ही जाएगा। फिर ब्लॉक-ब्लॉक सम्मेलन कर क्यों बेचारे गुलामों को और सताया जा रहा है। बस भैया यही सोच कर हंसी भी आती है और दया भी।

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.