कैबिनेट मंत्री का भी फोन नहीं उठाया कोतवाल ने, मंत्री पहुंचे थाने (देखें वीडियो)  

संजीव कुमार बाबा

: ओमप्रकाश राजभर को बैठने को नहीं पूछा पुलिस ने : बलिया : अभी तक तो गरीबों, पत्रकारों की बेइज्जती करने के लिये ही कोतवाल रसड़ा ज्ञानेश्वर मिश्र  मशहूर थे, लेकिन आज इनके द्वारा प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रोटोकाल को जिस तरह तोड़ा गया वह इनकी मनबढ़ई और अपने उच्चाधिकारियों से भी खौफ न खाना साफ दर्शाता है। पहले कैबिनेट मंत्री का बार-बार फोन करने पर फोन न उठाना और कैबिनेट मंत्री के कोतवाली पहुंचने पर खड़े-खड़े ही बात करना, बैठकर बात करने के लिये भी न कहना मंत्री का सरासर अपमान करने जैसा कृत्य है। इस घटना से साबित होता है कि कोतवाल की पहुंच कैबिनेट मंत्री से भी ऊपर है।

बताया जाता है कि प्रदेश में योगी सरकार की सहयोगी पार्टी सुभासपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के रसड़ा आने पर कोतवाल रसड़ा द्वारा भासपा कार्यकर्त्ताओं की बात न सुनने और बेइज्जत करने का मुद्दा उठाया। बेल्थरा प्रभारी ने तो यहां तक कहा कि मेरे द्वारा फोन करने पर कोतवाल रसड़ा द्वारा धमकाते हुए कहा गया कि जो उखाड़ना हो, उखाड़ लेना। गंभीर शिकायतों को सुनने के बाद मंत्री द्वारा कई बार कोतवाल को फोन लगाया गया,लेकिन कोतवाल ने फोन नहीं उठाया।

थककर मंत्री स्वयं लाव लश्कर के साथ थाने पहुंच गये। लेकिन कोतवाल रसड़ा ने मंत्री के प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाते हुए बैठाना भी उचित नहीं समझा। कोतवाल ने एक बार भी मंत्री को बैठने को नहीं कहा। खड़े खड़े मंत्री को जबाब देते रहे। अब सवाल यह उठता है कि रसड़ा कोतवाल ने ऐसा कौन सा कार्य कर दिया था कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री को स्वयं थाने पहुंचना पड़ा? क्या अब बलिया पुलिस को यह आदेश मिला है कि मंत्रियों के प्रोटोकाल को भी नज अंदाज कर के बैठने को भी न कहा जाय?

सवाल यह भी है कि क्या शिकायतों के बोझ तले दबे कोतवाल रसड़ा का रसूख इतना तगड़ा है कि उच्चाधिकारी इनके खिलाफ कार्रवाई करने से हिचकते हैं? सबका साथ सबका सम्मान के नारे वाली योगी सरकार की रसड़ा पुलिस ऐसे ही करेगी सम्मान?  जिस कोतवाल के क्षेत्र में गरीब लाचार, पत्रकार लाचार, अब मंत्री भी लाचार, उसके ऊपर किसका हाथ है? यह प्रदेश के डीजीपी महोदय को पता करना पड़ेगा, नहीं तो कोतवाल रसड़ा ज्ञानेश्वर मिश्र जैसे अधिकारी प्रदेश की पुलिस की छवि को धूमिल करने में कोई कोर कसर नही छोड़ेंगे।

बलिया से संजीव कुमार बाबा की रिपोर्ट.