नकलची बंदर जैसी हो गयी कांग्रेस

राज बहादुर सिंह

: आचार, विचार व व्यवहार की लड़ाई में मिली शिकस्त : बस अब जय श्री राम बोलना शेष : लखनऊ। राजनीतिक पार्टी न होने के बावजूद भाजपा से ज्यादा आरएसएस को गाली देते देते देते कांग्रेस अब नकलची पार्टी में तब्दील हो गयी है जिसमें हर शाख पर नकलची बन्दर उछल कूद कर रहे हैं। आचार, विचार और व्यवहार के पहले दौर के संघर्ष में कांग्रेस की करारी और बेशर्मी से लबरेज शिकस्त हो चुकी है।

जरा काल का चक्र देखिए। कोई सदियां नहीं गुजरी हैं। चंद साल ही गुजरे हैं। कांग्रेस सरकार ने शपथ पत्र देकर भगवान राम के वजूद को नकारा था। कांग्रेस के बेहद ‘अक्लमंद’ और ‘समझदार’ अध्यक्ष ने अमेरिका में जाकर कहा था कि लश्कर से ज्यादा खतरा भारत को हिन्दू आतंकवाद से है। थरूर, दिग्गी राजा, मणि शंकर अय्यर सहित कुछ नेताओं ने तो सालों से हिंदुओं को अपमानित करने का ठेका ही उठा रखा है।

बहरहाल अब जब अपने बदतरीन दौर से कांग्रेस गुजर रही है तो सारी हेकड़ी उतर गई है। कांग्रेस के काबिल अध्यक्ष गुलाम मंडली के साथ मंदिर मंदिर घूम रहे हैं। गेरुए वस्त्र में गुलाम कार्यकर्ता उनका स्वागत करते हैं। भारत में कदाचित पहली बार पोस्टर लगवाकर किसी नेता को यह बताना पड़ रहा है कि वह अमुक देवता का भक्त है। यह अलग बात है कि पूजा अर्चना के दौरान बैठने से लेकर हाथ जोड़ने तक में न केवल अनाड़ीपन है वरन यह भी झलकता है कि किस कदर मजबूर होकर एक्टिंग करनी पड़ रही है।

यूपी में कांग्रेस के सूबाई सिपहसालार राज बब्बर अष्टमी पर कन्याओं की पूजा कर सीएम योगी आदित्यनाथ की नकल कर रहे हैं। यह पीसीसी के इतिहास में अभूतपूर्व घटना है। हो भी क्यों न। बैटरी रिक्शा में बैठने लायक विधायक (सात) लाने का अभूतपूर्व कारनामा भी तो राज बब्बर के कार्यकाल में हुआ है। अभूतपुर्व तो यह भी है कि उनके राज्यसभा सदस्य होने की कीमत उत्तराखंड चुका रहा है और वह कांग्रेस को यहां नई ऊंचाइयों (अंडरग्राउंड) की ओर ले जा रहे हैं।

खैर राजनीतिक दलों के बीच आरोप प्रत्यारोप तो चलते ही रहते हैं लेकिन बात बात पर बाहें चढ़ा कर आरएसएस को कोसने से अब कांग्रेस अध्यक्ष को बाज आना चाहिए क्योंकि कांग्रेस अब हिंदुत्व की उस राह पर चलकर खुद को बतौर नकलची स्थापित कर चुकी है जिसकी संघ सदैव पैरोकारी करता रहा है । कांग्रेस का नकलची बंदर जैसा आचरण दरअसल इस अमिट सत्य का ध्वजवाहक है कि हिन्दुओं और उनके देवी देवताओं को अपमानित कर राजनीति करना कभी संभव रहा होगा लेकिन अब ऐसा नहीं होने वाला।

बहरहाल कांग्रेस को नकलची बनने का यह अध्याय मुबारक हो लेकिन उसे यह नहीं भूलना चाहिए कि नकल के लिए भी अक्ल की जरूरत होती है। मंदिर मंदिर घूमते बस अब कांग्रेस के समझदार अध्यक्ष के मुंह से जय श्री राम निकलने का इंतज़ार है। जिस क्षण ऐसा होगा कांग्रेस के लिए मोक्ष के द्वार खुद ब खुद खुल जाएंगे।

rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.