मिशन शक्ति: यूपी में नवरात्रि के 09 दिन रहे मां, बेटी, बालिकाओं के नाम

महिला कल्‍याण विभाग के मिशन शक्ति अभियान के तीसरे चरण के तहत प्रदेश में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि का पावन पर्व इसके लिए बहुत अनुकूल साबित हुआ। 09 दिनों तक पूरे प्रदेश में विभाग की ओर से महिलाओं के लिए विशेष कार्यक्रमों का संचालन किया गया। इसके तहत विभाग ने बालिकाओं के निम्‍न लिंगानुपात वाले ब्‍लॉकों की सभी ग्राम सभाओं से डिजिटल एनालॉग गुड्डा-गुड्डी बोर्ड की शुरूआत की। सभी ग्राम सभाओं, पंचायतों और ब्लाकों में जिला कार्यक्रम अधिकारी के नेतृत्व में होने वाले इस कार्यक्रम में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार की टीम, सीडीपीओ सुपरवाइजर्स, ऑगनबाड़ी कार्यकत्री और सहायिकाओं ने प्रमुख भूमिका निभाई। बता दें कि सभी ग्राम पंचायतों में 06 माह के अंदर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में भी डिजिटल एनालॉग गुड्डा-गुड्डी बोर्ड को शामिल किया जाएगा।

प्रदेश में महिलाओं और बच्‍चों के प्रति हिंसा से जुड़े विभिन्‍न कानूनों व प्रावधानों के बारे में जागरूक करने का कार्य सभी जिलों में किया गया। जिसमें महिलाओं और बच्‍चों के साथ होने वाले उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, नशे में मारपीट, तस्करी, बाल विवाह, भेदभाव, बालश्रम अन्‍य शोषणों के विरूद्ध ग्राम सभाओं के स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित किया गया।

महिलाओं में जगा रहे स्‍वावलंबन की अलख

प्रदेश के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बेरोजगार महिलाओं को प्रदेश सरकार की स्‍वर्णिम योजनाओं से जोड़ उनमें स्‍वावलंबन की अलख जगाई जा रही है। ग्रामीण आजीविका मिशन, कौशल विकास, स्‍वंय सहायता समूह जैसी योजनाओं से जोड़ उनके कदमों को रोजगार के पथ पर बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही स्‍वावलंबन कैंप के जरिए निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना समेत दूसरी अन्य योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ योजनाओं के आवेदन भी एक ही छत के नीचे स्‍वीकार किए जा रहे हैं। नवरात्रि में इस कैंप का आयोजन प्रदेश भर में किया गया जिसके तहत विभिन्‍न योजनाओं से नई महिला लाभार्थियों को जोड़ा गया।