भ्रष्‍टाचार के आरोप में अनुपमा जायसवाल के दो निजी सचिव हटाए गए

भ्रष्‍टाचार

: ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर वसूली की शिकायत मिल रही थी : लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग में विभागीय अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग को ले कर मंत्री अनुपमा जायसवाल के स्टाफ पर भ्रष्‍टाचार का गम्भीर आरोप लगा है। इसके पहले बाल विकास सेवा एवं पुष्‍टाहार में भी तबादलों को लेकर उनका विभाग आरोपों से घिर चुका है। अनुपमा जायसवाल के विभाग में भ्रष्‍टाचार के आरोपों का असर सरकार की सेहत पर भी पड़ रहा था।

दो दिन पहले जारी हुई BSA की सूची में कई दागियों को मलाईदार तैनाती मिलने के बाद से मंत्री और उनके स्टाफ के बारे में तरह तरह की चर्चाएं थीं। सूत्रों की माने तो इस बीच दोनों निजी सचिव राजकुमार और अजीत जायसवाल के क्रिया कलाप की शिकायत प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा राजप्रताप सिंह के पास पहुंची। उन्‍होंने शिकायतों की जांच अपने स्‍तर से कराई तथा प्रथमदृष्‍टया आरोपों की पुष्ट होते देखा।

राज प्रताप सिंह ने मंत्री के दोनों निजी सचिव को हटाने की शिकायत प्रमुख सचिव सचिवालय प्रशासन महेश गुप्ता को लिखी। महेश गुप्ता उक्त शिकायत के मद्देनजर बेसिक शिक्षा मंत्री से संपर्क कर दोनों निजी सचिवों को हटाने के निर्णय से अवगत कराया। अधिकारियों के इस निर्णय से विभागीय मंत्री अनुपमा जायसवाल नाराज हो गईं।

इसके बाद अनुपमा जायसवाल ने न सिर्फ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से संपर्क किया बल्कि उक्त दोनों निजी सचिवों के अच्छे काम-काज का हवाला देकर उन्हें न हटाने का पत्र भी मुख्यमंत्री को दिया। बताया जाता है कि आरोपियों के पक्ष में मंत्री की सिफारिश से मुख्यमंत्री और नाराज हो गए। उन्होंने अपने स्‍तर से अनुपमा जायसवाल के दोनों निजी सचिवों को हटा दिया।

गौरतलब है कि बाल विकास सेवा एवं पुष्‍टाहार तथा बेसिक शिक्षा विभाग में पैसे ले कर ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने की लगातार शिकायत CM योगी आदित्‍यनाथ के पास को मिल रही थी। सीएम कार्यालय लगातार इस पर नजर रखे हुआ था। मुख्‍यमंत्री ने अपने स्‍तर से इन आरोपों की जांच कराई तथा अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए।