निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों का फूटा गुस्सा : मशाल जुलूस निकाल सरकार को चेताया

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का मशाल जुलूस                                               ● फैसला वापस लिए जाने तक चलता रहेगा विरोध प्रदर्शन – संघर्ष समिति                          चंदौली : प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में सौंपे जाने के निर्णय से बिजली महकमें में कार्यरत अभियन्ता से लगायत संविदा कर्मियों तक काफी आक्रोश है। इसी क्रम में सोमवार को जनपद के बिजली कर्मियों ने चंधासी उपकेन्द्र से मशाल जुलूस निकालकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गोधना स्थित मण्डल कार्यालय पहुँचकर सभा कर विरोध जताया।

उक्त के संबंध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के घटक संघटन उत्तर प्रदेश विद्युत अभियन्ता संघ चन्दौली शाखा के अध्यक्ष सर्वेश पान्डेय ने बताया कि प्रदेश सरकार बिजलीकर्मियों द्वारा सिंचित उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन को कौड़ियों के दाम में निजी घरानों को सौंपकर उद्योगपतियों को अनुचित लाभ पहुंचाना चाह रही है।

जिसे मेहनतकश बिजली कामगार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। मशाल जुलूस का नेतृत्व कर रहे संघर्ष समिति के संयोजक नरेन्द्र गोपाल शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए निजीकरण के फैसले को जबतक वापस नहीं लिया जाता तब तक बिजलीकर्मियों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

सभा को ई. प्रवीण कुमार सिंह,ई.ए.के शुक्ला, ई.सेवा राम, ई.राम पाल, ई.आशीष कुमार सिंह, ई.ए.के.सिंह, ई.आकाश सिंह, ई.प्रशांत कुमार, ई.धर्मदेव, ई.संजय कुशवाहा,ई.जन्मेजय साहू, ई.सुभाष सिंह यादव, ई.मो.मेहदी, ई.मनीष कन्नौजिया, ई. के.एल.यादव, संजय कुमार ने सम्बोधित किया।

इस दौरान दलसिगार यादव,अभिमन्यु,राम सूरज,प्रमोद राम,घनश्याम,जय प्रकाश,विकास गुप्ता,विकास कुशवाहा,राम बदन यादव,संजीव धर दूबे,राजमणि वर्मा,राहुल सेठ, अश्वनी कुमार,सुनील कुमार,शिव नारायण,दीपक,श्रीप्रकाश,संजय, सूरज,गौरव, सुजीत,मनोज उपस्थित रहे।सभा की अध्यक्षता ई.सतीश कुमार ने किया एवं संचालन अवर अभियंता ए.के. पान्डेय ने किया।