कांग्रेस के काले कारनामों से कोई क्षेत्र अछूता नहीं

काले कारनामे (घोटाले) और कांग्रेस एक दूसरे के पर्याय हैं। देश की आजादी के बाद कोई ऐसा क्षेत्र (जल,थल,नभ और पाताल ) नहीं जो कांग्रेस के काले कारनामों से अछूता हो। अंतुले कांड, जीप एवं सायकिल घोटाला, पनडुब्बी, स्पेक्ट्रम और मारुति घोटाला इसके सबूत हैं।

ये बातें भाजपा के वरिष्ठ नेता और उत्त्तर प्रदेश सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को प्रियंका वाड्रा के नोटबन्दी संबंधी ट्वीट के जवाब में कही। उन्होंने कहा कि यह वही पार्टी है जो कोयले को हीरा (कोल घोटाला) बनाने का कारनामा कर चुकी है । कांग्रेस सिर्फ काले कारनामे करती ही नहीं। ऐसा करने वालों से उसके दिली रिश्ते भी रहे हैं। रेत से सोना बनाने वाली सपा (गायत्री प्रजापति) से पिछले चुनावों में गठबंधन इसका सबूत है।
ऐसे में इस आधार पर किसी पर उंगली उठाने का कांग्रेस को को हक़ ही नहीं है।

खन्ना ने कहा कि काले कारनामों के लिहाज से कांग्रेस खुद में काजल की कोठरी है। उसके हर कार्यकाल में पिछले कार्यकाल के काले कारनामों का रिकार्ड टूटा है। वैसे भी जिसके घर कांच के होते हैं वह दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंका करते। काले कारनामों की बात करने के पूर्व कांग्रेस की राजकुमारी ( प्रियंका गांधी वाड्रा) को अपनी पार्टी के अतीत की ओर झांक लेना चाहिए।

अगर वह ऐसा करेंगी तो पता चलेगा कि उनकी पार्टी के अतीत के सभी आइनों पर कालिख पुती है। इस संबंध में उनकी बातें कुछ उसी तरह हुई जैसे सौ-सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली।