वरासत के 6.98 लाख से अधिक प्रकरण निस्तारित

  • गत 15 दिसंबर से चलाया जा रहे अभियान में 7,34,438 आवेदन मिले
  • मुख्यमंत्री के विशेष वरासत अभियान को ग्रामीण जनता मिला जबर्दस्त समर्थन

लखनऊ। राज्य में भूमि विवादों को पूरी तरह खत्म करने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाया जा रहा “विशेष वरासत अभियान” अब खत्म होने को है। बीते 15 दिसंबर से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 6.98 लाख से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया गया है। यह अभियान अब अगले चौबीस घंटों में थम जाएगा। राजस्व विभाग द्वारा चलाया गया यह एक बड़ा सफल अभियान साबित हुआ है।

विशेष वरासत अभियान के तहत लंबित वरासत के प्रकरणों को निस्तारित करने के लिए करीब 23 हजार लेखपाल और 2700 राजस्व निरीक्षण गांव-गांव गए और वर्षों से लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया। पहली बार राज्य में इस तरह का अभियान चलाया गया है। राज्य के राजस्व सचिव संजय गोयल के अनुसार, गत 15 दिसंबर से “आपकी जमीन, आपका अधिकार, सबको मिले अपना उत्तराधिकार” के संकल्प से शुरु हुए इस अभियान के तहत 14 फरवरी तक वरासत से संबंधित 7,34,438 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 6,98,164 प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है। ग्रामीणों से प्राप्त शेष बचे 36,274 आवेदनों को निस्तारित करने की प्रक्रिया चल रही है। वरासत संबंधी करीब दस हजार मामलों की राजस्व कोर्ट सुनवाई हो रही हैं। इन सभी प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित कराने की कार्रवाई भी तेज की गई है। इसके लिए जरूरी निर्देश भी दिए गए हैं।

राजस्व सचिव संजय गोयल के मुताबिक, राज्य में वरासत संबंधी विवादों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए पांच चरणों में चलाए गए विशेष वरासत अभियान के तहत राजस्व विभाग के लेखपाल एवं अन्य अधिकारी गांव-गांव गए और ग्रामीणों से वरासत संबंधी प्रकरणों की जानकारी लेकर उसका निस्तारण किया। विशेष वरासत अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में तैयार किया किया गया था। जिसके तहत बीते 15 दिसंबर से इस 15 फरवरी तक राज्य के सभी गांवों में वरासत से संबंधित लंबित प्रकरणों का निस्तारण किया जाना था। इस अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि उक्त अभियान को बेहद गंभीरता से चलाया जाए और इस के खत्म होने तक वरासत संबंधी सभी लंबित प्रकरण समाप्त हो जाने चाहिए।

वास्तव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विशेष वरासत अभियान को लेकर बेहद गंभीर रहे हैं। उनकी मंशा है कि राज्य में वरासत से संबंधित सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण कर दिया जाए, क्योंकि इन प्रकरणों के लंबित रहने से भूमि के विवाद होते हैं। जिसका संज्ञान लेते हुए ही मुख्यमंत्री ने विशेष वरासत अभियान शुरू करने की योजना तैयार करायी थी। जिसके तहत मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों को विशेष वरासत अभियान में प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि राजस्व ग्राम समिति की बैठक के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि इस अभियान में अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री के इस निर्देश पर राजस्व विभाग के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक आदि ने 15 दिसंबर से लगातार गांव- गांव गए और इन लोगों ने गांवों में वरासत संबंधी लंबित प्रकरणों के आवेदन ग्रामीणों से लेकर गए उनका निस्तारण किया। जिसके चलते अब तक ग्रामीणों से प्राप्त 7,34,438 आवेदनों में से 6,98,164 प्रकरणों का निस्तारण कर दिया गया है।