पशु तस्‍करों का स्‍वर्ग बना चंदौली, ट्रक पलटने से तस्‍करी कर ले जाये जा रहे 20 पशुओं की मौत

  • लंबे समय से पशु तस्‍करी को सेफ पैसेज के लिये बदनाम रहा है सैयदराजा थाना
  • इसके पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं घटित
  • दबाव पड़ने पर कुछ दिन चलता है पशुओं और तस्‍करों को पकड़ने का नाटक

लखनऊ : उत्‍तर प्रदेश का चंदौली जिला पशु तस्‍करों का स्‍वर्ग बन गया है। पशु तस्‍कर स्‍थानीय पुलिस के संरक्षण में आराम से यूपी सीमा पार कर बिहार में प्रवेश कर जाते हैं। इसके लिये थानों पर मोटी रकम अदा की जाती है। कड़ाई होने पर दो चार दिन पुलिस पशु तस्‍करों को पकड़ने का नाटक करती है, फिर दबाव बढ़ने तक यह काम बदस्‍तूर जारी हो जाता है।

गुरुवार को पशुओं को लादकर ले जा रहा ऐसा ही एक ट्रक नदी में गिर गया, जिसमें बीस पशुओं की मौत हो गई। यूपी बिहार की सीमा पर कर्मनाशा नदी पर बना एनएच 19 का पुल टूट जाने से आवागमन के लिये एक अस्‍थायी पुल का निर्माण कराया गया है। गुरुवार को इसी पुल से तस्‍करी के पशुओं को लेकर बिहार जा रहा ट्रक नदी में गिर गया, जिससे उसपर लदे 20 पशुओं की मौत हो गई।

सुबह छह बजे के आसपास हुई इस घटना के बाद स्‍थानीय लोगों ने चालक सहित दो तस्‍करों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तस्कर पशुओं को लेकर बिहार लेकर जा रहे थे। तेजी से ट्रक भगाने के चक्‍कर में वे उस अस्‍थायी पुल पर पहुंच गये, जिसे एनएचआई ने बंद कर दिया था तथा नदी के बहाव को रास्‍ता देने के लिये बीच से कटा दिया था।

चालक जैसे ही पुल पर कटा देखा अचानक ब्रेक लगा दिया, जिससे ट्रक नदी सूखे भाग में पलट गया। ट्रक में लदे 20 मवेशियों की मौत हो गई। आसपास मौजूद स्‍थानीय लोग हादसे के बाद मौके पर पहुंचे और भाग रहे पशु तस्‍करों को दबोच लिया। अगर यह हादसा नहीं होता तो पशु तस्‍कर आराम से यूपी से बिहार में प्रवेश कर जाते।

स्‍थानीय लोगों का कहना है कि पशुओं को लादकर तेजी से बिहार जा रहा ट्रक पुल के बंद होने का बोर्ड नहीं लगे होने के चलते उस पर चला गया, जबकि बीते एक दो माह से एनएचआई ने उक्‍त अस्‍थायी पुल को बंद कर रखा है, जबकि पहले इसी से आवागम होता था। अनजाने में पशु तस्‍कर उक्‍त पुल का इस्‍तेमाल किया और पकड़ा गया। हादसे के बाद वाहवाही लूटने के लिये पुलिस ने कहानी गढ़ ली।