फ्लाईओवर हादसा : पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई गई

वाराणसी : प्रशासनिक लापरवाही के शिकार बने बनारस में गुस्‍सा उबल रहा है। अब यह कब गर्म लावा की तरह बाहर आ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। इसे देखते हुए बनारस प्रशासन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय की सुरक्षा और बढा दी है ताकि सियासी दलों या आम जनता की ओर से धरना-प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटा जा सके। शहर सहित हर तरफ शोक का भाव अभी भी नजर आना स्वभाविक है।

सरकारी आंकड़े के अनुसार 15 लोग ही असमय अपनी जान गंवाए हैं। जबकि प्रत्यक्षदर्शी और अपदा प्रबंधन के योद्धा एनडीआरएफ का आंकड़ा जिला प्रशासन की आंकड़े की कलई भी खोल रहा है। हादसे के बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदितयनाथ, उप सीएम केशव मौर्य, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय, केन्द्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे सहित सपा, बसपा, समेत तमाम सि‍यासी दलों के नेता घटनास्‍थल और अस्‍पताल का दौरा करने का रस्‍म निभा रहे हैं।

यह विडंबना ही कही जायेगी कि किसी भी राजनीतिक दल का बड़ा नुमाइंदा इस हादसे से प्रभावित हुए परिवारों तक जाने का जहमत नहीं उठा रहा है। ढांढस बधाने का काम केवल अखबारों, टीवी चैनलों, सोशल मीडिया के जरिए किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर जमकर घडियाली आंसू बहाया जा रहा है। दूसरी तरफ इस मामले में सेतु निगम के बराबर का गुनहगार जिला प्रशासन अब नींद से जाग चुका है। बनारस प्रशासन पूरी मुस्‍तैदी दिखाने का नाटक शुरू कर चुका है।

अब इसे एहतियात कहिए या डर, प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था फ्लाईओवर हादसे के बाद और कड़ी कर दी गई है। रविन्द्रपुरी स्थित पीएम के संसदीय कार्यालय पर 1-3 की सुरक्षा पुलिस प्रशासन की ओर से हमेशा रहती है। फ्लाईओवर हादसे के बाद से इसमें बढ़ोतरी कर दी गई है। पीएम के संसदीय कार्यालय पर क्षेत्राधिकारी क्राइम, दो थानेदार सहित 1 कंपनी पीएएससी, जिला पुलिस के अतिरिक्त जवान, फायर ब्रिगेड का दस्ता तैनात कर दिया गया है, ताकि किसी भी विषम परिस्थितियों में संसदीय कार्यालय की सुरक्षा की जा सके।