अखिलेश को सीएम बनना है तो मायावती को पीएम मानना होगा

राज बहादुर सिंह

: माया का शिकंजा टीपू और पप्पू पर : लखनऊ : पप्पू गांधी ने आज अपनी अहमकाना हरकतों के चलते बसपा प्रमुख मायावती को मौका दे दिया कांग्रेस पर चढ़ाई करने का। पप्पू को पीएम प्रोजेक्ट करने के बजाय अब वह खुद को पीएम प्रोजेक्ट करने के लिए दबाव बनाएगीं औए उनके पास कहीं बेहतर रणनीति, अवसर और टाइमिंग है।

पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में चुनाव होने हैं और कांग्रेस लाचार, बेबस और शरणागत है बसपा से गठबंधन के लिए। बसपा से गठबंधन अगर फलीभूत हुआ तो कांग्रेस की इन राज्यों में सरकारें बसपा के रहमोकरम पर होगी और फिर मायावती का दबाव कांग्रेस पर और बढ़ जाएगा। और अगर गठबंधन फेल हुआ तो दोनों का अलग होना स्वाभाविक होगा।

मायावती ने कांग्रेस ही नहीं बल्कि अखिलेश को भी अपने चंगुल में ले लिया है। अखिलेश की इच्छा सीएम बनने की है तो उन्हें मायावती को पीएम मानना होगा। अपने पिता मुलायम को फिर गच्चा देना पड़े तो वो देंगे क्योंकि वह तो उन्हें कुर्सी से ही उतार चुके हैं। अखिलेश बार-बार जिन उपचुनावों में जीत की दुहाई देते हैं वो उधार का सिंदूर है और बसपा से अलग होते ही सियासी राह विधवा की मांग की तरह सूनी और वीरान सड़क होगी।

जाहिर है कि 2014 में लोकसभा चुनाव में खाता न खोल पाने वाली बसपा 2019 में सबसे फायदे की स्थिति में है। जिसे गठबंधन करना है वो बसपा के आस्ताने पर सिजदा करेगा। टीपू हों या पप्पू हों। नहीं तो अपना रेट किसी से कम तो है नहीं। दो भयभीत और परिवार की मेहरबानी से पार्टी पर काबिज नौसिखिये कथित नेताओं ने मायावती को गठबंन्धन के खेल में अपर हैंड दे दिया है। यह अलग बात है कि मायावती को हासिल क्या होगा यह अभी कह पाना मुश्किल है।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.