हमारे उद्यमी उप्र को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में प्राण-प्रण से योगदान देंगे : योगी

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: मुख्यमंत्री ने ‘काशी एक रूप अनेक’ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को किया सम्बोधित : ओडीओपी में खुद के उद्यम से 5 लाख से अधिक युवाओं को मिला रोजगार : वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने परम्परागत उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए 2018 में एक जनपद-एक उत्पाद (ओडीओपी) के नाम से अभिनव योजना का प्रारम्भ किया था। प्रधानमंत्री की मंशा देश की इकॉनामी को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने की है। हमारे परम्परागत उद्यमी उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी बनाने में प्राण-प्रण से अपना योगदान देगें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘काशी एक रूप अनेक’ प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में 5000 करोड़ रुपये के ऋण वितरण के साथ ही 5 हजार लाभार्थियों को टूल किट भी वितरित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टैंड अप और स्टार्टअप इंडिया के साथ जुड़कर अकेले ओडीओपी में 5 लाख से अधिक नौजवानों ने रोजगार पाया और स्वयं का उद्यम स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले परंपरागत उद्यम से जुड़े जितने भी शिल्पकार व उद्यमी थे, उन सब में एक निराशा थी। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का सदैव से यह फोकस रहा है कि बड़े उद्योगों की आधारशिला लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यम ही बन सकते हैं। आज उसका परिणाम है कि उत्तर प्रदेश के अंदर 90 लाख से अधिक लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम इकाइयां कुशलतापूर्वक अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ के साथ ही परम्परागत उद्यमियों के लिए नई डिजाइन, मार्केटिंग, ब्रांडिंग, आदि को एक साथ जोड़ते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार की संस्थाएं इन्हें प्रोत्साहित कर रही हैं। साथ ही साथ प्रदेश के परंपरागत कारीगरों को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से भी आगे बढ़ाने की एक अभिनव योजना प्रदेश सरकार ने प्रारंभ की है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अलग-अलग कारीगरों और कार्यक्रमों के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके प्रशिक्षण और टूल किट की व्यवस्था की गई है। ओडीओपी और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजनान्तर्गत स्पेशल ड्राइव से प्रदेश में 3 लाख 14 हजार उद्यमियों ने लाभ लिया। उन्हें टूल किट उपलब्ध कराने के साथ-साथ 5000 करोड़ रुपये का बैंक का लोन उपलब्ध कराने में मदद मिली है।