पीडब्‍ल्‍यूडी की लापरवाही से गांव हुआ जलमग्‍न, धरने पर बैठे ग्रामीण (देखें वीडियो)

: जलभराव ने ग्रामीणों का जनजीवन किया अस्‍त-व्‍यस्‍त : किसान नेता शेषनाथ यादव के नेतृत्‍व में आंदोलनरत गांववाले : धानापुर। पीडब्‍ल्‍यूडी की लापरवाही और वादाखिलाफी ने चंदौली जिले का एक गांव वालों की परेशानी बढ़ा दी है। जलनिकासी व्‍यवस्‍था को तोड़ दिए जाने के चलते हल्‍की बरसात में गांव के कई घरों में पानी भर गया है। इससे नाराज भारतीय किसान यूनियन एवं ग्रामीणों ने धानापुर-अवहीं मार्ग पर स्थित सरया गांव के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इनकी मांग है कि जलनिकासी की व्‍यस्‍था सही कराई जाए।  

जानकारी के अनुसार एक साल पहले पिछले बरसात के सीजन में लोक निर्माण विभाग ने धानापुर-अवहीं मार्ग का निर्माण कार्य शुरू कराया था। सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी के लिए लगे पाइप और नाली को पीडब्‍ल्‍यूडी के ठेकेदार और अधिकारियों ने यह कहकर तोड़वा दिया कि इसे सही ढंग से बनवा दिया जाएगा। एक साल बीतने के बावजूद इस नाली और पाइप को नहीं बनाया गया।

ग्रामीण इसके लिए कई बार अधिकारियों से गुहार भी लगा चुके, लेकिन उन्‍हें केवल आश्‍वासन दिया जाता रहा। शुक्रवार को मात्र कुछ घंटों की बारिश के बाद पूरा सरया गांव जलमग्‍न हो गया। जलनिकासी व्‍यवस्‍था को तोड़ दिए जाने के चलते पानी की निकासी नहीं हो सका, जिससे गांव के कई घरों में पानी भर गया है। लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।

इससे नाराज ग्रामीण किसान नेता शेषनाथ यादव के नेतृत्‍व में जलनिकासी की व्‍यवस्‍था दुरुस्‍त नहीं होने तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात का पूरा पानी घरों में घुस जा रहा है, जिससे कच्चे घरों के गिरने की आशंका बढ़ गयी है। सांप-बिच्‍छुओं का भी डर बढ़ गया है। दूसरी तरफ गांव के अंदर जाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है। बच्चे पानी में गिर जाए रहे हैं।

गांव में पानी भर जाने से बरसात का गंदा पानी पेयजल वाले कुएं में जा रहा है, जिसे ग्रामीण पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर लोकनिर्माण विभाग, जिलाधिकारी सहित तहसील दिवस पर गुहार लगाई गई, लेकिन किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते आज पूरा गांव जलमग्न है। जिससे पूरा जनजीवन अस्‍त-व्‍यस्‍त हो गया है। ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।

किसान नेता शेषनाथ यादव ने आरोप लगाया कि इसके पहले भी इस गांव में दुर्घटना की आशंका को देखते हुए ब्रेकर बनाए जाने की मांग की गई थी, लेकिन विभागीय अधिकारियों के कान पर जूं नहीं रेंगी। इसी का परिणाम रहा कि एक हादसे में एक बच्‍चे की जान चली गई। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इन समस्याओं का समाधान नही होता धरना जारी रहेगा। धरना में दशरथ यादव, मीरा देवी, कमल देवी, शगुम, त्रिलोकी, मनमन सिंह, रामबिलास, साहब, रामकृत, शीला, रतन सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।