संवेदनाओं को लेकर छिड़ा राजनैतिक दलों में जंग

मनोज श्रीवास्तव

लखनऊ। राजनीतिक पार्टियों में विवेक तिवारी की हत्या को लेकर रणनीतिक होड़ शुरू हो गई है। अभी तक जो जितने देर में पहुंचा वह उतने ही अधिक मुआवजे की मांग कर के अपनी उपस्थिति दर्ज कराया है।यूपी सरकार ने अब तक पीड़िता को मुख्यमंत्री से मिलाने के बाद स्वर्गीय विवेक तिवारी के मां के नाम 5 लाख की एफडी उनकी दोनों पुत्रियों को 5-5 लाख का एफडी, विवेक तिवारी की पत्नी को नगर निगम में नौकरी और ₹25 लाख देने की घोषणा कर चुकी है।

आज समाजवादी पार्टी से अलग होकर सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले  शिवपाल यादव ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपया मुआवजा देने की मांग की है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पीड़ित परिवार से मिलकर 5 करोड़ के सहायता की मांग किया है। इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीड़ित परिवार से फोन पर बात किया उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर यह का के हमला बोला है यह तो ब्राम्हण मारा गया है इसको तो इंसाफ दो। बसपा प्रमुख मायावती ने सरकार पर इस मामले में हीला हवाली करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए यूपी में आम आदमी दहशत में है। इस संदर्भ में स्वर्गीय विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी ने दो का सामना को बताया की वह सरकार के कार्यवाही से संतुष्ट हैं उन्हें सरकार से कोई शिकायत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री से जाकर मिली थी मुख्यमंत्री ने हमारे हर समस्या को सुनकर उसका समाधान कर दिया है।

इससे पूर्व कल उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने पीड़िता के घर जाकर मिलकर सरकार की ओर से हर संभव मदद दिलाने का वादा किया था। इस मर्डर में अब सरकार और विपक्ष में संवेदनाओं को लेकर राजनीतिक जंग शुरू हो गया है। इसी मामले के आरोपी सिपाही की पत्नी ने भी अपने साथ काम कर रहे और संपर्क के लोगों से सहायता की मांग की है उसका आरोप है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ कलानिधि नैथानी न तो उससे मिल रहे हैं और न ही  क्रास एफ आई आर दर्ज कर रहे हैं।manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.