एन्टी करप्शन की टीम ने रिश्वत लेते दरोगा को किया गिरफ्तार

वाराणसी। एन्टी करप्शन टीम की वाराणसी यूनिट ने शनिवार को सिगरा थानाक्षेत्र अंतर्गत सोनिया पुलिस चौकी प्रभारी महेश सिंह को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक सोनिया पुलिस चौकी इंचार्ज के खिलाफ एक व्यक्ति ने एन्टी करप्शन टीम से शिकायत की थी। सोनिया चौकी इंचार्ज महेश सिंह ने उससे एक मुकदमे में से नाम निकालने के एवज में रिश्वत मांगी थी। शनिवार को ट्रैप लगाकर एंटी करप्शन टीम ने महेश सिंह को 5 हजार की घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

मुकदमे से नाम हटाने के लिए मांगी थी रिश्वत

इस सम्बन्ध में बात करते हुए वाराणसी भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई के प्रभारी निरीक्षक राम सागर ने बताया कि सिगरा थानाक्षेत्र में कोरियर कंपनी चलाने वाले राज कुमार गुप्ता ने गबन के सिलसिले से एक मुकदमा अपराध संख्या 652/2018अंतर्गत धारा419,420,467,468,120(8)1 504, 506 सिगरा थाने में दर्ज करवाया था। इस मुकदमे की विवेचना सोनिया चौकी इंचार्ज महेश सिंह कर रहे थे।

मुकदमे की विवेचना कर कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए महेश सिंह ने राज कुमार गुप्ता से पांच हज़ार रूपये की मांग की थी। जिससे परेशान राज कुमार गुप्ता ने 22 मार्च को एन्टी करप्शन कार्यालय जाकर इस बाबत एक लिखित शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसपर विभाग ने गोपनीय तरीके से बात का पता लगाया तो बात सच साबित हुई।

इसपर उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए ट्रैप टीम और ट्रैप का अनुमोदन लिया गया। राम सागर ने बताया कि ट्रैप का अनुमोदन मिलते ही शनिवार को सोनिया चौकी पर निरीक्षक विनोद कुमार यादव के नेतृत्व में टीम भेजी, जिसमे दो अन्य निरीक्षक संतोष कुमार दीक्षित और अशोक कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी नरेंद्र कुमार सिंह, विजय नारायण प्रधान और आरक्षी सुनील कुमार यादव मौजूद रहे।इन लोगों ने सोनिया चौकी पर पहुंचकर ट्रैप के अनुसार महेश सिंह को पैसे लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्त में आये दरोगा जी ने कहा मिठाई खाने के लिए मिले थे 5000

उधर गिरफ्त में आये चौकी इंचार्ज ने अपने बचाव में कहा कि वह पैसे उसने होली की मिठाई के नाम पर लिए थे। इस सवाल पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन इकाई के प्रभारी निरीक्षक राम सागर ने कहा कि चाहे मिठाई मांगी जाए या ली जाए या पैसे लिए जाए सभी रिश्वत है और चौकी इंचार्ज ने पैसे केस के सम्बन्ध में लिए है यह साबित है इसलिए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है।