सदन चलाने में सहयोग करें विधायक :  हृदय नारायण दीक्षित 

मनोज श्रीवास्तव

: विधानसभा अध्‍यक्ष ने जताई सुचारू ढंग से विस संचालन की उम्‍मीद : लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 23 अगस्त से शुरू हो रहा है। सत्र के दौरान विधायकों द्वारा हंगामा शोर-शराबा करने में जनहित के मुद्दे दब जाते हैं और सदन व्यवस्थित तरीके से नहीं चल पाता है। कई बार अवरोधों के चलते महत्‍वपूर्ण मुद्दे बिना चर्चा के रह जाते हैं। एक बार फिर से विधानमंडल सदन शुरू होने जा रहा है, जिसको लेकर गहमागहमी बढ़ गई है।

उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों से विधानसभा अध्‍यक्ष ने सदन व्यवस्थित चलाने में सहयोग और हंगामा न करने की अपील की है। आज हुई बैठक में विपक्ष ने सुचारू रूप से सदन चलाने का आश्‍वासन भी दिया है। शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विशेष वार्ता की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश।

विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि 23 अगस्त से सदन की कार्यवाही चलाया जाना प्रस्तावित है। 24 अगस्त को भी सदन की कार्यसूची चलाए जाने का प्रस्ताव है। बीच में 2 दिन का अवकाश पड़ रहा है और फिर सोमवार से शुक्रवार तक सदन की कार्यवाही चलाया जाना प्रस्तावित है।  विपक्ष और सत्ता पक्ष से प्राप्त परामर्श के आधार पर 7 दिन के कार्यक्रम तैयार हो गया है।

उन्‍होंने बताया कि आज सर्वदलीय बैठक  हो गयी है, सभी दल के सदस्यों ने शान्तिपूर्वक सदन चलाने का आश्‍वासन दिया है। सुरक्षा समिति की भी बैठक बहुत गंभीर विषय था। हमारी प्राथमिकता है कि सदन की कार्यवाही के दौरान विधान भवन की सुरक्षा व्यवस्थित रहे। फिलहाल अभी तक इसी प्रकार सदन चलाने का प्रस्ताव है।

बार-बार हंगामे को लेकर सदन की कार्यवाही का समय नष्ट होने को लेकर श्री दीक्षित ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में हम इस पर चर्चा कर लिए हैं। सभी विधायक उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रुप से चलाने में सहयोग करेंगे, ऐसा हमारा विश्वास है। कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में भी इस विषय पर चर्चा हो गयी है, तभी हम मानकर चल रहे हैं कि सदन की कार्यवाही सुचारु रुप से चलेगी।

सदन की कार्यवाही सीमित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 17वीं विधानसभा में कुछ अपवाद छोड़ कर सदन की कार्यवाही बहुत ठीक से चली है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों का सहयोग मुझे सदन चलाने में मिला है और और काम के घंटे, बहस की गुणवत्ता, प्रश्न और उत्तर की भी गुणवत्ता बढ़ी है। हमको विश्वास है कि इस बार काभी सदन ठीक-ठाक चलेगा।

नए विधायकों को कुछ संदेश देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सवा साल हो गया है हमारे सभी नए माननीय सदस्य सदन की कार्यवाही में कई बार हिस्सा भी ले चुके हैं। उन्होंने व्यवहारिक ज्ञान भी प्राप्त कर लिया है। प्रारंभ में चुनाव के तुरंत बाद हमने 2 दिन का प्रबोधन कार्यक्रम भी बनाया था, उससे नए सदस्यों को भी काफी लाभ मिला है।

उन्‍होंने कहा कि हमारा पुस्तकालय और शोध अधिकारी विधायकों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। कुछ एक विधायक पुस्तकालय का सहयोग लेते भी हैं। वहां जाते हैं हमारे अधिकारी उनकी सहायता करते हैं जैसा विषय वह चाहते हैं उनको वैसा विषय तैयार करने में हमारे अधिकारी सहायक सिद्ध होते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष कहते हैं कि हमारी प्रार्थना है कि नए विधायकों से भी और पुराने विधायकों से भी सदन की कार्यवाही चलाना बहुत-बहुत जरूरी है और उसमें सहयोग दें। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा देश की सभी विधानसभाओं से बहुत बड़ी है। 22 करोड़ आदरणीय जनता का प्रतिनिधित्व करती है हमारी विधानसभा। इस दृष्टि से सारे देश की निगाहें उत्तर प्रदेश की विधानसभा पर रहती हैं। हम सब को चाहिए कि आदरणीय जनता को निराश ना होने दें।

उन्‍होंने कहा‍ कि अब तो सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण भी होता है। आमजन टेलीविज़न देखते भी हैं। कभी हंगामा होता है तो वह निराश भी होते हैं, बहस अच्छी होती है तो वह प्रसन्न में भी होते हैं। जनता की समस्याएं ठीक से उठाई जाती हैं तो उन्‍हें अच्‍छा लगता है। हमारा निवेदन है कि इस भावना को ध्यान में रखते हुए साधारणजन की भावना और सबकी भावनाओं को ध्यान में रखकर सदन की कार्यवाही को पूर्ण रुप से चलाया जाना ही उपयोगी है।manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.