31 तक दिखेगा लौह पुरुष का संघर्ष, सरदार पटेल की दुर्लभ तस्वीरों की प्रदर्शनी शुरू

वाराणसी के रामनगर में सरदार पटेल जयंती और चौरी चौरा शताब्दी महोत्सव का आगाज हो चुका है। लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास स्थित स्मृति भवन संग्रहालय में सरदार पटेल की जीवन यात्रा से जुड़े अभिलेख और ऐतिहासिक घटनाओं के चित्रों की प्रदर्शनी सजाई गई है। देश में पहली बार सरदार पटेल के संघर्षमय जीवन और 565 रियासतों और खासकर काशी के विलय को एक साथ एक भवन में दिखाया गया है। कार्यक्रम का निर्देशन कर रहे वाराणसी के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि देश के कोने-कोने से दुर्लभ तस्वीरें मंगाई गईं हैं। सरदार पटेल की पूरी जीवनी और उनके लौह विचार भी यहां समझ में आ जाएगी।

वाराणसी के क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई की ओर से लगाई गई यह प्रदर्शनी 31 अक्टूबर यानि सरदार पटेल की जयंती के दिन तक देखी जा सकती है। इसका उद्घाटन सोमवार शाम को अपर जिलाधिकारी नलिनी कांत सिंह ने किया था।
बनारस राज्य के खत्म होने की पिक्चर
अभिलेख प्रदर्शनी और छाया चित्र 2 भागों में बांटी गई है। अभिलेख प्रदर्शनी में सरदार पटेल के जीवन की तमाम घटनाओं को तारीख के अनुसार प्रदर्शित किया गया है। सत्याग्रह समाचार पत्र में सरदार पटेल के लेखों और कई दूसरे अखबार की प्रतियां भी इस प्रदर्शनी में लगाई गईं हैं। प्रदर्शनी का सबसे खास आकर्षण बनारस राज्य का भारत में शामिल होने वाली तस्वीर और पटेल का संदेश है। इस प्रदर्शनी में सरदार पटेल के निर्देश पर आजाद भारत सरकार द्वारा काशी राज्य के विलय की बात कही गई है।

लाडबाई के साथ पटेल के बचपन के दिन

छाया चित्र में सरदार पटेल की जीवन यात्रा को चित्रों के माध्यम से दिखाया गया है। इसमें बनारस समेत पूरे देश में उनकी यात्रा और क्रांतिपूर्ण कार्यों का हर विवरण फोटो सहित दर्शाया गया है। उनकी माता जी लाडबाई के साथ पटेल के बचपन के दिन दिखाए गए हैं। वहीं भाई विट्ठल भाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद के साथ भी कई रेयर फोटो लगाई गई हैं। साथ ही सरदार पटेल के कांग्रेस के चुनाव प्रचार, शिमला सम्मेलन, कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सम्मेलन, बांबे म्युनिसिपल कारपोरेशन, शिलांग सभा और पटना सभा में जनता को संबोधित कर रहे हैं।
संविधान सभा में उठाया था कश्मीर का मामला

संविधान सभा में उनके द्वारा जोर-शोर से उठाए गए मुद्दे भी चित्र द्वारा उनके महान व्यक्तित्व को बता रही है। राष्ट्रीय एकीकरण अंतर्गत उनके पटियाला, राजकोट, राजस्थान संघ, हैदराबाद निजाम को भारत संघ में मिलाने के क्रम में ली गई तस्वीरें देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। संविधान की मूल कॉपी पर हस्ताक्षर और संविधान सभा में कश्मीर मामले पर राय देने की तस्वीर भी दिखाई गई। इन अभिलेखों और छाया चित्र प्रदर्शनी का संयोजन डॉ. हरेंद्र नारायण सिंह ने किया है। प्रदर्शनी के अंतिम दिन सरदार पटेल जयंती पर आधुनिक भारत के निर्माण में सरदार पटेल की भूमिका विषय पर संवाद होगा।