सपा-बसपा ने दिये मुख्तार और अतीक सरीखे माफिया

भाजपा

लखनऊ। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि सपा-बसपा की सरकारों ने प्रदेश को मुख्तार, अतीक और मुकीम काला जैसे माफिया दिए तो वहीं भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश के विकास के लिए रिकार्ड ६० हजार करोड़ का निवेश लेकर आयी है। चुनावों से पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने डबल इंजन के लिए यूपी की जनता से आर्शीवाद मांगा था। अब जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की जोड़ी ने इंवेस्टर समिट के जरिये महज पांच महीनों के भीतर ६० हजार करोड़ का रिकार्ड निवेश कराकर यह साबित कर दिया है कि यूपी में अब डबल इंजन की सरकार काम कर रही है। यूपी के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है।

इस निवेश से यूपी विकास की दौड़ में आगे तो निकलेगा ही, यहां रोजगार के बड़े अवसर भी पैदा होंगे। प्रदेश में ६० हजार करोड़ का अभूतपूर्व निवेश कराने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री साधुवाद के पात्र हैं। प्रवक्ता ने कहा कि तेजी से बदलते यूपी में रिकार्ड निवेश को देखकर कुछ दल बौखलाये हुए हैं। ये वही दल है जिन्होंने आजादी के बाद सबसे ज्यादा वक्त तक देश की सत्ता पर राज किया लेकिन एक बड़ी आबादी को शौचालय तक मुहैया नहीं करा पाये। उनके राज में अमेठी-रायबरेली की सड़कें तक नहीं सुधरीं।

यूपी में १४ साल तक सरकारी अराजकता के जरिए प्रदेश को विकास की बजाये विनाश की तरफ ले जाने वाले दल भी बदलते यूपी को देखकर हताश हैं और इस आयोजन की तारीफ  करने की बजाय कमियां ढूढऩे में लगे हैं। ऐसे दलों को प्रदेश की जनता २०१९ में एक बार फिर जबाब देगी। श्री त्रिपाठी ने कहा कि देश के जाने-माने उद्योगपतियों ने खुले मंच से जिस तरह निवेश के लिए यूपीसरकार की सिंगल विन्डो पालिसी को सराहा है तो वहीं पिछली सरकारों की यह कहकर पोल भी खोल दी है कि भ्रष्टाचार और बदतर कानून व्यवस्था के चलते लोग यूपी में कारोबार नहीं करना चाहते थे।

तमाम कारोबारियों ने यह खुलासा भी किया कि किस तरह सपा-बसपा की सरकारों में कारोबार करने के लिए उनसे न सिर्फ  सुविधा शुल्क मांगे गये बल्कि उन्हें बिना वजह एक दरवाजे से दूसरे दरवाजे तक दौड़ाया गया। गुण्डाराज के चलते भी लोग निवेश करने से डरते थे। इन्हीं उद्योगपतियों ने यूपी में निवेश के लिए अब बेहतर माहौल देने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा भी की।

उन्होंने कहा कि महज १६ महीने की सरकार ने योगी आदित्यनाथ ने पहले तो सफल इंवेस्टर समिट कराकर सबका ध्यान यूपी की तरफ  खींचा और इस समिट के महज पांच महीनों के भीतर प्रदेश में ६० हजार करोड़ का रिकार्ड निवेश कराकर यह साबित कर दिया कि यूपी बदल गया हैं।