जिले के शिक्षकों ने समन्वयक के खिलाफ खोला मोर्चा, कार्रवाई न होने पर दी आंदोलन की चेतावनी

  • बलिया स्कूल की शिक्षिका के पति से रिश्वत मांगने का ऑडियो हो चुका है वायरस
  • शुक्रवार को शिक्षक नेताओं के साथ जिले केशिक्षकों ने बीएसए को दिया ज्ञापन

शाहजहांपुर । समन्वयक के खिलाफ जिले के शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है। शिक्षक नेता संजय सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को शिक्षकों ने समन्वयक के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर बीएसए को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने रिश्वत मांगने के आरोपी समन्वयक के खिलाफ सदर बाजार थाने में प्रार्थना पत्र दिया है। शिक्षक नेताओं ने चेतावनी दी यदि भ्रष्टाचार के आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो शिक्षक आंदोलन करेंगे।

 खिरनीबाग मैदान पर समन्वय के खिलाफ प्रदर्शन करते शिक्षक

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री एवं जिला अध्यक्ष संजय सिंह के नेतृत्व में संघ के पदाधिकारी आज खिरनी बाग मैदान में एकत्रित हुए। शिक्षकों से अवैध वसूली करने के आरोपों के साथ जिला समन्वयक प्रशिक्षण अभय जैन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने की मांग की तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार को मांग पत्र दिया।

शिक्षक नेताओं ने बेसिक शिक्षा मंत्री, महानिदेशक स्कूली शिक्षा उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक को भी दी ज्ञापन भेजा है। अरविंद सिंह, सुनील कुमार मौर्या, विजय प्रताप सिंह, दिनेश पाल, बृजेश कुमार, नृपेन्द्र मिश्र, अरविंद त्रिपाठी, सचिन अवस्थी, विपुल मिश्र, संजय मिश्रा, राकेश रोशन, मुकेश कुमार, समर खान, दिनेश आनंद, विश्वनाथ प्रताप सिंह, अभिनय मिश्रा, जुल्फेकार अली, राजेश प्रजापति, अरुण पाल, नेहा सक्सेना, शोभना गुप्ता, शिवानगी, पारुल सिंहल, रुचि त्यागी सहित दर्जनों शिक्षक शिक्षिकायें शामिल  हुए।

निरीक्षण के दौरान अनुपस्थिति शिक्षक के लिए विद्यालय में छोड़ देता है मोबाइल नंबर की पर्ची : शिक्षकों ने बताया कि जिला समन्वयक अभय जैन विद्यालयों का निरीक्षण करने जाता है, निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षक नहीं है तो वह अपने मोबाइल नंबर की पर्ची देकर बात करने को बोल कर चले जाते हैं।

शिक्षक नेताओं ने सदर थाने में दी तहरीर :  शिवकुमार द्वारा संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भावलखेड़ा राजकुमार तिवारी के नेतृत्व में शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल कोतवाली सदर में थानाध्यक्ष से मिला और जिला समन्वयक के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।