सिद्धू ने आखिर कर ही दी मसखरी, उससे भी ज्‍यादा यह छोटापन है

राज बहादुर सिंह

: नहीं दी वाजपेयी को श्रद्धांजलि, पहुंचे पाकिस्तान : धिक्कार है ऐसी सोच और आचरण पर : लखनऊ : टीवी चैनल्स पर मसखरी करते-करते नवजोत सिंह सिद्धू निजी जीवन में भी मसखरी कर बैठे। पर्याप्त समय होते हुए भी श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को दो फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि देने के बजाय सजधज कर पाकिस्तान जाने से सिद्धू का मसखरापन उजागर हुआ। क्या संवेदनहीनता होगी कि जिसे सिद्धू अपना गॉड फादर बताते थे, उसी को श्रद्धा सुमन चढ़ाना भी जरूरी नहीं समझा।

ठीक है कि सिद्धू अब भाजपा में नहीं है। तो क्या हुआ? क्या वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने आए सभी लोग भाजपा के थे? सिद्धू भाजपा से तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए और भाजपा ने उन्हें राज्य सभा भी भेजा। भाजपा ने सिद्धू को हर तरह से संतुष्ट रखने का प्रयास किया।

बहरहाल अकाली दल को लेकर सिद्धू की नाराजगी बनी रही और दूसरी ओर भाजपा ने सिद्धू की जिद पर अपने सबसे पुराने सहयोगी अकाली दल से नाता नहीं तोड़ा। आखिरकार भाजपा के राष्ट्रवाद को त्याग कर सिद्धू कांग्रेस के तुष्टीकरण और छद्म सेकुलरिज्म के रथ पर सवार हो गए। भाजपा में रहते तो कदाचित मुल्क के मंत्री बनते लेकिन वह पंजाब के मंत्री बनकर संतुष्ट हो गए।

बहरहाल ये तो उनके सियासी फैसले थे जिनके बारे में टीका टिप्पणी का दौर गुजर चुका है, लेकिन उनकी इस ताजा मसखरी ने निराश जरूर किया है। वाजपेयी का निधन 16 अगस्त शाम पांच बजे हो गया था। सिद्धू सड़क मार्ग से 17 अगस्त को ही पाकिस्तान पहुंच गए इमरान खान के शपथ ग्रहण के लिए जो 18 अगस्त को होना था।

किसी के लिए यह देखना और समझना मुश्किल नहीं है कि अगर सिद्धू चाहते तो वाजपेयी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के बाद भी पाकिस्तान जा सकते थे। शायद कोई अपराध बोध (कदाचित कृतघ्नता का) उन्हें वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने से रोक गया। सिद्धू का यह कृत्य मसखरी से ज्यादा छोटापन था। सिद्धू को हमेशा उनके इस बौने कृत्य के लिए तिरस्कृत भाव से देखा जाएगा। धिक्कार है ऐसे व्यक्ति और ऐसी सोच पर।rbs

राज बहादुर सिंह उत्तर प्रदेश के जाने माने पत्रकार हैं. हिंदी-अंग्रेजी पर समान पकड़ रखते हैं. दैनिक जागरण समेत कई बड़े संस्थानों में वरिष्ठ पदों पर रहे हैं. सियासतफिल्म और खेल पर जबरदस्त पकड़ रखने वाले श्री सिंह फिलहाल पायनियर में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं. उनका लिखा फेसबुक से साभार लेकर प्रकाशित किया गया है.