लखनऊ का 8 और 9 नबर प्‍लेटफार्म, रेलवे को नहीं है इससे कोई वास्‍ता

अरविंद कुमार चौधरी

: सुविधाओं के अभाव में परेशान होते हैं यात्री : लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रेलवे स्टेशन का 8 एवं 9 नंबर वह प्लेटफार्म है, जहाँ से इलाहाबाद, वाराणसी के अलावा उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के साथ-साथ अन्य राज्यों की ओर आने ओर जाने वाली सवारी गाड़ियों का आवागमन होता है। इन प्लेटफार्मों पर यात्रियों की काफी भीड़ रहती है, मगर इन दोनों प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुविधाओं के नाम पर रेलवे ने ऊँट के मुँह में जीरा वाली कहावत को चरितार्थ कर रखा है।

धूप और बरसात से बचने के लिए इन दोनों प्लेटफार्मों पर बहुत ही छोटा सा टीनशेड निर्मित कराया गया है, जो किसी भी प्रकार से इन प्लेटफार्मों पर आने वाले यात्रियों की संख्या के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। वैसे  इस अपर्याप्त टीनशेड को भी वेंडर ही कब्‍जाए रहते हैं। वेंडर इसे अपनी संपत्ति समझते हैं। लखनऊ जो कि उत्तर प्रदेश की राजधानी है, यहाँ पर यात्रियों के साथ रेलवे का ये सौतेला व्यवहार कुछ समझ नहीं आता।

वर्तमान समय में रेलवे अपने छोटे बड़े सभी स्टेशनों को सुदृढ़ करने का राग आए दिन अलापा रहता है, मगर लखनऊ जैसे शहर के रेलवे स्टेशन पर उसका ध्यान नहीं जा रहा है। यहां  के प्लेटफार्म नंबर  8 एवं 9 की हालत दयनीय है, और यहाँ से आने-जाने वाले यात्रियों के सिर पर सिर्फ खुला आसमान है। यहां  ना पीने के पानी की सही व्यवस्था है और ना ही बैठने के लिए बेंच है। सर्दी, गर्मी, बरसात चाहे जैसा भी मौसम हो इन प्लेटफार्मों पर यात्रियों की सुनने वाला कोई नहीं है।

छोटे-छोटे बच्चों से लेकर सीनियर सिटीजन तक की हालत यहाँ दयनीय रहती है। गर्मी और बरसात के समय तो हालात और खराब हो जाते हैं। ट्रेनों के इंतजार में बैठे यात्रियों को शेड के अंदर जगह नहीं मिलती है। रेलवे टिकट बेचने में मस्त है और लखनऊ के रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर  8 एवं 9 से गाड़ी पकड़ने वाले यात्री त्रस्त हैं। यहां आने वाले यात्री रेलवे को कोसते हुए अपने गंतव्‍य को रवाना हो जाते हैं।

अरविंद कुमार चौधरी की रिपोर्ट.