सवालों के घेरे में कांग्रेस प्रवक्ता परीक्षा, दूसरे दिन भी 150 से ज्‍यादा आवेदन

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अजय मिश्र

: रद्द हो सकती है प्रवक्‍ता पात्रता परीक्षा : लखनऊ। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर द्वारा मीडिया टीम भंग कर दिये जाने के बाद गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पढ़े-लिखे, काबिल व अनुभवी लोगों को प्रवक्ता पद की जिम्मेदारी देने के लिए प्रदेश मुख्यालय में प्रवक्ताओं के चयन के लिए परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस पात्रता प्रवेश परीक्षा के दूसरे दिन भी प्रवक्ता पद के लिए प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय आकर 30 से अधिक लोगों ने प्रवक्ता पद के लिए आवेदन किया।

इसके अतिरिक्त 150 से अधिक लोगों ने फोन व ईमेल के माध्यम से अपना बायोडाटा प्रदेश मुख्यालय में भेजा है। हालांकि कांग्रेस द्वारा सुबह शक्ति लांच के अवसर पर एक चैनल से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कल हुई परीक्षा का रिटेस्ट करवाने के साथ यह भी कहा था कि इस प्रश्न-पत्र के कई उत्तर हमें भी नहीं पता हैं, बावजूद इसके प्रवक्ता पद के लिए आवेदनों का आना लगातार जारी रहा। कांग्रेस में प्रवक्ता पदों के लिए कई बेरोजगार छात्रों व अभ्यर्थियों के फोन के साथ कई बड़ी कारपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी प्रवक्ता बनने की इच्छा जाहिर की है।

पर्चा लीक की होगी जांच : कांग्रेस पात्रता प्रवक्ता प्रवेश परीक्षा पर्चा लीक की जांच की जायेगी। दिल्ली सूत्रों की मानें तो गुरुवार को हुई यह परीक्षा रद्द हो सकती है। प्रवक्ताओं की यह परीक्षा दोबारा दिल्ली में आयोजित की जायेगी।

अगले महीने आयेगी नयी टीम : कांग्रेस द्वारा आयोजित इस प्रवक्ता प्रवेश परीक्षा का परिणाम अगले महीने आने की संभावना व्यक्त की जा रही है। गौरतलब हो कि कल प्रदेश मुख्यालय में आयोजित हुई इस परीक्षा में जमकर नकल होने के बाद विवादों में आयी कांग्रेस की प्रवक्ता पात्रता प्रवेश परीक्षा का परिणाम जुलाई में घोषित किया जायेगा। हांलाकि कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस परीक्षा का परिणाम दो दिन में घोषित करने का आश्वासन दिया था, पर विवादों में आने के बाद इस प्रवेश परीक्षा का परिणाम देर से आ सकता है।

प्रियंका की उम्र से ज्यादा है प्रवक्ताओं का अनुभव : कांग्रेस की इस पात्रता प्रवेश परीक्षा में शामिल कई प्रवक्ताओं का राजनीतिक अनुभव कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी की उम्र से भी ज्यादा है और कई प्रवक्ता ऐसे हैं जो दो तीन दशकों से प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। अब ऐसे में कांग्रेस उन प्रवक्ताओं के साथ कैसा व्यवहार करती है यह तो आने वाला समय ही बतायेगा।