शिक्षक दिवस पर नेशनल लेवल के दो अवार्ड से सम्मानित हुईं चन्दौली की शिक्षिका

: टीचर्स आइकॉन अवार्ड 2020 और इनरव्हील कर्मठ शिक्षक पुरस्कार पाकर रीता पांडेय ने चन्दौली का नाम किया रौशन, पुरस्कारों को किया अपने गुरुओं को समर्पित : चन्दौली : शिक्षा के क्षेत्र में चंदौली का नाम राज्य स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आने से जनपद के शिक्षक गौरव महसूस कर रहे हैं। इसका श्रेय जाता है प्राथमिक विद्यालय बियासड़ में बतौर सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत रीता पाण्डेय को। जिनका चयन विभिन्न नवचारी गतिविधियों के लिए किया गया और उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर टीचर्स आइकॉन अवार्ड 2020 तथा इनरव्हील कर्मठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने दोनों पुरस्कारों को अपने गुरुजनों को समर्पित कर दिया।

गौरतलब है कि इस अवार्ड के लिये विभिन्न राज्यों से प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा विभाग के लगभग पौने पाँच हजार आवेदन आये थे। जिसमें से कुछ शिक्षकों का चयन इस अवार्ड के लिये होना था। जिसमें चन्दौली जैसे जनपद से रीता पांडेय का चयन होना गौरव की बात है। उल्लेखनीय है कि उक्त शिक्षिका को पहले भी अपने नवचारी शिक्षण के लिये उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन द्वारा तत्कालीन एसडीएम दीप्ति देव यादव द्वारा नवाचारी शिक्षक के रूप में सम्मानित किया जा चुका है।

विगत वर्ष जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने खेलकूद, योगा और स्काउट गाइड में अपने विशिष्ट योगदान के लिये उन्हें प्रशस्ति पत्र दिया था। इस बार नवाचारों के लिये राष्ट्रीय स्तर पर चयन होने से जनपद के शिक्षकों में खुशी है। इस बाबत रीता पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान समय में जिस तरह के शैक्षणिक क्रियाकलापों और जिस तरह से अद्यतन जानकारी और कौशल की जरूरत है उसे सिर्फ परम्परागत तरीके से नहीं सिखाया जा सकता बल्कि जरूरत है ऐसे नवाचारी विधियों की जिससे बच्चे कम समय में ज्यादा चीज़ों को रुचिपूर्ण ढंग से सीख सकें और वह ज्यादा समय तक प्रभावी हो, साथ ही आज की जरूरत के हिसाब से कौशल विकसित कर सकें।

वर्तमान में सरकार तो ऐसे क्रियाकलापों-गतिविधियों और नवाचारी शिक्षण विधियों पर ध्यान दे ही रही है। उन्होंने कहा कि चंदौली जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा इसपर काफी ध्यान दिया जा रहा है। खंडशिक्षाधिकारी चन्द्रशेखर आज़ाद ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रीता पाण्डेय के इस तरह के प्रयासों और कुशल लीडरशिप (इंचार्जशिप) में और अन्य शिक्षकों के टीमवर्क के वजह से प्राथमिक विद्यालय बियासड़ को विभिन्न शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों में अच्छे प्रदर्शन के लिये हिंदी मीडियम के मॉडल विद्यालय के रूप में चुना गया है।

शिक्षा,कला ,संस्कृति,भाषा व ज्योतिष क्षेत्र में काम करने वाली संस्था “डॉ0यादवेन्द्र नाथ मैमोरियल ट्रस्ट” के तत्वाधान में संचालित राष्ट्रव्यापी शैक्षिक प्रकल्प “उदघोष:शिक्षा का नया सवेरा” के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मानित शिक्षकों की घोषणा करते हुए ज्यूरी ने कहा इसमें शिक्षकों द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां व नवाचारी व सामाजिक कार्यक्रमों को देखते हुए हेतु चयन किया गया।

टीचर्स आईकॉन एवार्ड-2020के लिए उनका नाम इसलिए भी चयनित किया गया है क्योंकि इन शिक्षकों के द्वारा विद्यालय में नवाचारी शिक्षण को प्राथमिकता से रखकर शिक्षक समाज में कुछ अलग से करके किया है। जो सभी के लिए हितकारी व अनुकरणीय हैं। संयोजक सदस्य के रूप में ललित मोहन जोशी और संजय वत्स ने कहा कि “बात भी उन्हीं की होती है जिनमें कोई बात होती है।” चयनित सभी शिक्षकों के नवाचार पूर्णतः मौलिक, असाधारण व प्रेरणास्पद है।

प्रदीप गहलौत ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के “शख्स से शख्शियत” बनने की यात्रा है कोई भी एवॉर्ड, पुरस्कार या सम्मान। जब उसे कोई विशिष्ट पद या सम्मान ,देश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा किसी विशिष्ट कार्यक्रम में प्रदान किया जाता है तो इस सम्मान में चार चांद लग जाते हैं।

इनरव्हील डिस्ट्रिक्ट 312 ने भी किया सम्मानित

शिक्षिका रीता पाण्डेय को दोहरी खुशी मिली जब इनरव्हील क्लब- डिस्ट्रिक्ट 312 जिसमें कि लखनऊ, इलाहाबाद और वाराणसी के लगभग डेढ़ सौ क्लब आते हैं, उसने समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और शिक्षा में योगदान के लिए कर्मठ शिक्षक पुरस्कार से नवाजा।

गौरतलब है कि रीता पाण्डेय शिक्षिका होने के साथ साथ महिलाओं की अंतर्राष्ट्रीय संस्था इनरव्हील क्लब में सोनांचल चकिया की अध्यक्षा भी हैं जो गरीब और बेसहारा व्यक्तियों खासकर महिलाओं और बालिकाओं के विभिन्न जरूरतों में सहायता और अधिकारों की रक्षा के लिए भी कार्य करती हैं। उनके शिक्षिका के तौर पर उत्कृष्ट सेवा के रूप में उन्हें यह पुरस्कार दिया गया।

उक्त अवसर पर रीता पांडेय ने कहा कि इसका श्रेय विभाग के अधिकारियों द्वारा विश्वास से दिए कार्यों को तो जाता है। लेकिन आज मैं जो भी हूँ वह मेरे गुरुओं के उत्कृष्ट शिक्षण, सिखाई गयी नैतिकता और उनके प्रेरणा के कारण हूँ तो इसका वास्तविक श्रेय उनको ही जाता है और इससे बड़ी बात क्या हो सकती है कि टीचर्स आइकॉन अवार्ड 2020 और इनरव्हील कर्मठ शिक्षक पुरस्कार भी शिक्षक दिवस के अवसर पर मिला। यह अवार्ड मेरे शिक्षकों को ही समर्पित है।