चीन के बाद ऐसा करने वाला पहला राज्य बनेगा यूपी, महोबा से शुरुआत

मनोज श्रीवास्‍तव

: आईआईटी कानपुर के सहयोग से मिली सफलता : नदियों और ग्राउंड वाटर को लेकर सरकार चिंतित – धर्मपाल सिंह : लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश की योगी आदित्‍यनाथ सरकार अब वह काम करने जा रही है, जिसे देश में अब तक किसी ने नहीं किया है। किसी भी राज्‍य ने अब तक इस दिशा में कदम नहीं उठाया है। अब तक यह तकनीक केवल चाइना के पास थी, अब यह उत्‍तर प्रदेश के पास भी है। आईआईटी कानपुर के इंजीनियरों ने अथक प्रयास के बाद स्‍वदेशी तकनीक पर आधारित कृत्रिम बरसात कराने की विधि खोज निकाली है, जिसे अगले साल मई महीने में क्रियान्वित किया जाएगा।

उत्‍तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार नदियों के पुनर्जीवन और अंडरग्राउंड वाटर लेबल को ठीक करने को लेकर चिंतित है। इसी दिशा में प्रयास करते हुए हमने मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ से चर्चा के बाद चीन से कृत्रिम बरसात कराने को लेकर बात की थी, लेकिन चीन ने शुरुआत में दिलचस्‍पी दिखाने के बाद तकनीक हस्‍तानांतरण के मामले को लेकर बरसात कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद हमारे इंजीनियर लगातार इस दिशा में प्रयासरत रहे।

उन्‍होंने बताया कि आईआईटी कानपुर के इंजीनियर तथा विभागीय इंजीनियर मिलकर कृत्रिम बरसात कराने की तकनीक ढूंढ निकाली है। अब तक यह तकनीक केवल चीन के पास थी, अब यह तकनीक उत्‍तर प्रदेश के पास भी उपलब्‍ध है। जिस बरसात के लिए चीन साढ़े दस करोड़ रुपए मांग रहा था, उसे हमारे इंजीनियरों ने मात्र साढ़े पांच करोड़ में करके दिखा दिया है। जल्‍द ही कृत्रिम बरसात का पहला प्रयोग महोबा में किया जाएगा।

सिंचाई मंत्री ने बताया कि महोबा उत्‍तर प्रदेश का सबसे सूखा जिला है। अगले साल मई माह में इस जिले के एक हजार वर्ग किलोमीटर में कृत्रिम बारिश कराकर यहां सूखे की स्थि‍ति से निपटने का प्रयास किया जाएगा। इंजीनियर अभी बारिश की धार को लेकर शोधरत हैं, लिहाजा इसका प्रयोग रिहायशी इलाकों से इतर बंजर इलाके में किया जाएगा। महोबा के बाद मिर्जापुर में कृत्रिम बरसात कराई जाएगी।

श्री सिंह ने बताया कि सिंचाई विभाग जनसहयोग से प्रदेश की आठ ऐतिहासिक नदियों को पुनर्जीवित करने के काम में जुटा हुआ है, जिसमें वरुणा, अरैल, गोमती, सईं आदि नदियां शामिल हैं। गोमती नदी को जनता के सहयोग से 47 किलोमीटर तक साफ करा लिया गया है। नदी सफाई में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्‍सा लेने के अलावा आर्थिक सहयोग भी किया। हम सरफेस वाटर से ग्रांउड लेबल रिचार्ज की दिशा में भी प्रयासरत हैं।

सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि रियल स्टेट के नाम पर भूमाफियाओं ने नदियों के किनारे खाली पड़े सरकारी जमीनों पर कब्‍जा करके इस पर निर्माण करा दिया है, जिससे तमाम नदियों के मार्ग अवरुद्ध हुए हैं। इसके चलते बरसात का पानी नदियों में नहीं पहुंच पाता है साथ ही नदियां भी अपना रुख बदलकर विनाशलीला करती हैं। भूगर्भ जलस्‍तर भी इससे रिचार्ज नहीं हो पा रहा है और तेजी से घट रहा है।

श्री सिंह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने बैराज तो बनवा दिया, लेकिन पानी किसानों के खेतों तक कैसे पहुंचे इस दिशा में नहीं सोचा। नहरें नहीं बनवाईं। हमारी सरकार ने बुंदेलखंड में नहर बनवाकर बैराज का पानी किसानों की खेतों तक पहुंचाने का काम किया है। हमारी सरकार ने वर्षों से अधूरी पड़ी सरयू नहर परियोजना को पूरा कर लिया है।

उन्‍होंने बताया कि उत्‍तर प्रदेश की चार नदियों को निर्मल बनाते हुए इसकी अविरलता को लगातार बनाये रखने की योजना पर काम कर रही है। प्रदेश का सिंचाई विभाग चार नदियों का डीपीआर बनाकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मंत्रालय को भेज दिया है। जल्‍द वहां से हरी झंडी मिलते ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। नदियों के किनारों पर कटान रोकने के लिए कई स्‍थानों पर धारा में परिवर्तन किया जाएगा।manoj

 वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.