सपा की मोहताजगी से यूपी में उबरेगी कांग्रेस!

मनोज श्रीवास्तव

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जब से दिल्ली जाकर कांग्रेस की यूपी में उसकी असली औकात के बारे में बताया तब से यूपी कांग्रेस के मुखिया राजबब्बर ने संगठन को मजबूत करने का अभियान छेड़ दिया है। जब अखिलेश ने अपना पुस्तैनी चरखा दांव मारा तब राहुल गांधी को याद आया कि यूपी में कांग्रेस को खुद मजबूत करना चाहिए।

सपा सरकार के खिलाफ लड़ कर 27 साल यूपी बेहाल का नारा देकर प्रदेश की 403 विधानसभा सीट पर जो टीम खड़ी कर लिया था सपा से गठबंधन करके उसकी हवा निकाल दी। परिणाम राज्य में  एन्टी कंबेंसी झेल रही सपा के गुनाहों की सजा की ऐसी भागीदार बनी कि यूपी विधानसभा के चुनावी इतिहास में पहली बार इकाई की संख्या 7 पर पहुंच गई। पिछले सप्ताह अखिलेश यादव ने दिल्ली जाकर सुना दिया कि यूपी में कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी नहीं है। जिसके जवाब में यूपी कांग्रेस के कुछ पटाके सुलगे तो लेकिन फुसफुसा कर रह गये। अब राहुल के निर्देश पर राजबब्बर ने यूपी में युवक कांग्रेस को मजबूत करने का फैसला कर संगठन से युवाओं को जोड़ने का अभियान शुरू कर दिया।

मंगलवार को राजबब्बर खुद बस्ती में जहाँ नेशनल हाइवे पर बन रहे पुल का गाटर गिरा है वहां खुद जा कर निर्माण में हुई खामियों को उजागर करेंगे। कांग्रेस ने अपनी मीडिया टीम भी बदल कर नए लोगों की भर्ती किया है। राजबब्बर की फड़फड़ाहट में अखिलेश की टिप्पड़ी से अपमानित हुई कांग्रेस की तड़प देखी जा रही है।

वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र उत्तम की मानें तो कांग्रेस यूपी में अभी भी इतनी कमजोर नहीं हुई है कि भाजपा के खिलाफ बनने वाले मोर्चे से उसको बाहर करके भाजपा को प्रदेश में विपक्ष पराजित कर पायेगा। इस बीच कांग्रेस ने अपनी युवा शाखा युवक कांग्रेस, छात्र संगठन यनयसयूआई और सेवा दल को फिल्ड में उतार कर खासकर अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में कांग्रेस की सदस्यता में लगा दिया है।जिससे सपा की बेचैनी बढ़ गयी है।manoj

वरिष्‍ठ पत्रकार मनोज श्रीवास्‍तव की रिपोर्ट.