यूपी सरकार ने साढ़े चार वर्षों में साढ़े लाख से अधिक लोगों को दी नौकरी

प्रदेश सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने लखनऊ में होने वाली आम आदमी पार्टी (आप) की “रोजगार गारंटी” रैली को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नया ड्रामा बताया है। सिद्धार्थनाथ सिंह का कहना है कि छह साल में दिल्ली में 428 लोगों को नौकरी देने वाले यूपी में रोजगार गारंटी रैली लखनऊ में कर रहे हैं। यह केजरीवाल का नया ड्रामा नहीं है तो और क्या है? सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं जिस यूपी सरकार ने बीते साढ़े चार वर्षों में साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी और ढ़ाई करोड़ से अधिक लोगों को एमएसएमई सेक्टर में रोजगार मुहैया कराया है, उसके मुकाबले केजरीवाल ने दिल्ली में ना के बराबर लोगों को नौकरी दी है। एक आरटीआई के जरिए देश भर में केजरीवाल के नौकरी देने संबंधी हकीकत को लोग जान चुके हैं। केजरीवाल की रोजगार गारंटी रैली यूपी सरकार के मुकाबले कुछ उसी तरह है जैसे “कहां राजा भोज और गंगू ..”।

सिद्धार्थनाथ सिंह का यह भी कहना है कि आप के नेताओं चुनावी राज्य में मुफ्त योजनाओं की घोषणा करना पसंद है। यह लोग यूपी की जनता से बढ़चढ़ कर झूठे वायदे कर रहें हैं। कह रहे हैं कि हम सत्ता में आएंगे तो लोगों को रोजगार देंगे। जबकि यह हकीकत है कोरोना संकट के दौरान केजरीवाल सरकार की लापरवाही से दिल्ली में कार्य कर रहे श्रमिकों को अपना रोजगार छोड़ना पड़ा था। आप पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल सहित इस पार्टी का हर नेता झूठे बयान देने और झूठे आरोप लगाने में माहिर है। झूठे आरोप लगाने के लिए आप के मुखिया केजरीवाल ने माफ़ी तक माँगी है। उन्होंने अन्ना हजारे को भी धोखा दिया था, इसे देश की जनता ने देखा भी है। इस पार्टी की स्थापना करने वाले तमाम नेताओं ने केजरीवाल के ऐसे आचरण से तंग आकर ही पार्टी से नाता तोड़ लिया और अब तो कोई राजनीतिक डीएम इस पार्टी से गठबंधन तक करना नहीं चाहता। इस पार्टी के नेता सूबे की जनता से बेहतर सस्ता इलाज की व्यवस्था करने का वादा कर रहे हैं। परन्तु कोरोना संकट के दौरान केजरीवाल सरकार ने कोरोना पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया था और आक्सीजन के आभाव में कई कोरोना पीड़ितों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब सूबे के लोगों को रोजगार देने का सपना दिखाने में आप के नेता जुट गए हैं, लेकिन सूबे की जनता इस पार्टी के हवा हवाई किए जाने वाले वादों की हकीकत से वाकिफ हैं। सूबे के लोगों ने अभी हाल ही में यह देखा है कि दिल्ली सरकार की लापरवाही के चलते दिल्ली में छठ पूजा कर रही महिलाएं यमुना के दूषित जल में नहाने को मजबूर हुई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार द्वारा यमुना नदी को साफ कराने में दिखाई गई लापरवाही के चलते यमुना नदी प्रदूषण मुक्त नहीं हो सकी। और महिलाओं को पूजा करने के लिए नदी का एक साफ़ घाट भी नसीब नहीं हुआ है। अब आप के नेता सूबे की जनता को भरमाने के लिए रोजगार गारंटी रैली कर रहे हैं। जबकि सूबे की सरकार ने साढ़े चार लाख से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी दी है और ढ़ाई करोड़ से अधिक लोगों को उद्योगों में रोजगार दिलवाया है। सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं कि सूबे की जनता अरविंद केजरीवाल की रोजगार गारंटी रैली के ड्रामें में नहीं फंसेगी और आप पार्टी के बयानवीर झूठे नेताओं को सबक सिखाएंगी।